परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दिल्ली सरकार ने 5941 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया है। इसके तहत मेट्रो, बसें, बिजली से चलने वाले वाहनों समेत परिवहन क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं पर खर्च का प्रावधान किया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को भी बढ़ावा दिया गया है, ताकि वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी से वायु गुणवत्ता में भी सुधार हो। विद्युत चालित वाहन निधि के लिए 2020-21 में 50 करोड़ के खर्च का प्रस्ताव किया है। बजट में दिल्ली विद्युतचालित वाहन नीति को 2019 में स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
दिल्ली सरकार की ओर से पेश 2020-21 के बजट में परिवहन क्षेत्र को खास अहमियत दी गई है। सेवा के विस्तार के तहत 2021-22 तक दिल्ली में 11000 बसों को बेड़े में शामिल करने का लक्ष्य है। वित्त वर्ष 2020-21 में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 685 इलेक्ट्रिक बसों समेत डीटीसी और क्लस्टर के बेड़े में कुल 2485 नई बसें शामिल की जाएंगी। पैनिक बटन, दिव्यांगों के लिए लिफ्ट और जीपीएस समेत आधुनिक सुविधाओं से युक्त बसों की संख्या में इजाफा करने का सरकार ने निर्णय लिया है।
डीटीसी के बेड़े में शामिल होंगी 1300 नई बसें
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि 10 साल बाद दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन में नई बसों को शामिल करने की शुरुआत की गई है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त बसों के साथ-साथ कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन के बाद नई लो फ्लोर बसें डीटीसी के बेड़े में भी शामिल की जा रही हैं। डीटीसी के बेड़े में 1300, जबकि क्लस्टर स्कीम के तहत 1185 बसें शामिल की जाएंगी। 685 इलेक्ट्रॉनिक बसों सहित बेड़े में कुल 2485 बसें 2020-21 में शामिल की जाएंगी। वर्ष 2021-22 के दौरान 1880 बसें शामिल की जाएंगी। इनमें डीटीसी की 444 जबकि क्लस्टर की 1436 बसें खरीदी जाएंगी। डीटीसी बसों की खरीद के लिए 250 करोड़ रुपये जबकि क्लस्टर बसों के मद में (वायबिलिटी गैप फंडिंग) के लिए 1100 करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव किया गया है।
मल्टीलेवल बस डिपो से दूर होगी बसों की पार्किंग की दिक्कत
दिल्ली में जमीन की कम होने की वजह से बसों की खरीदना और संचालन करना एक बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए सरकार ने एक दूरदर्शी पहल की है। इसके तहत ओखला, हरिनगर, वसंत विहार और हसनपुर समेत कुल चार बस डिपो को मल्टीलेवल बनाया जाएगा। यह देश में अपनी तरह की नई पहल होगी।
6500 बसों में महिलाओं का निशुल्क सफर रहेगा जारी
आर्थिक तौर पर महिलाओं को सक्षम बनाने, स्वतंत्रता और मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने अक्तूबर 2019 से डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं के निशुल्क यात्रा सुविधा को अगले वर्ष भी जारी करने का निर्णय लिया गया है। इससे महिलाओं को सभी 6500 बसों में महिलाओं को निशुल्क यात्रा का मौका मिलेगा।
मेट्रो का 500 किमी तक होगा विस्तार, 900 करोड़ का बजट
मेट्रो के विस्तार के तहत के 500 किलोमीटर से अधिक लंबी मेट्रो लाइन बिछाने का दिल्ली सरकार ने लक्ष्य रखा है। मेट्रो के चौथे चरण के तहत दिल्ली सरकार ने छह नए कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। तीन कॉरिडोर पर जनकपुरी-आरके आश्रम, एयरोसिटी-तुगलकाबाद, मुकुंदपुर को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण की शुरुआत कर दी गई है। 2020-2021 में मेट्रो के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है।
पिछले दो वर्षों में दिल्ली सरकार की ओर से कुल 1524 रुपये आवंटित किए गए, जबकि चौथे फेस के लिए 2020-2021 में 900 करोड़ समेत कुल 2424 रुपये का मेट्रो के लिए प्रावधान किया गया है। मेट्रो के तीसरे चरण में अतिरिक्त कॉरिडोर तैयार करने समेत एनसीआर के शहरों में 158 किलोमीटर विस्तार का कार्य पूरा हो चुका है। मेट्रो के चौथे चरण के लिए डीएमआरसी को 200 करोड़ रुपये 2018-19 में दिए जा चुके हैं। 2019-2020 में 1324 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं, जबकि 2020-2021 में 900 करोड़ के प्रस्ताव किया गया है।