दिल्ली सरकार ने अपनी शक्ति का इस्तेमाल करते हुए बिजली वितरण कंपनियों के खिलाफ सख्ती दिखाई है और डीईआरसी को भी आड़े हाथों लिया है।
सरकार ने कहा डीईआरसी को आदेश दिया है कि बिजली कटौती की जानकारी रखें और बिना सूचना के बिजली कटौती करने पर डिस्कॉम्स पर जुर्माना करें और इसका लाभ सीधे उपभोक्ता को दें।
डिस्कॉम्स जुर्माने की रकम को अपने खर्चे में भी शामिल नहीं कर सकती है, यह रकम उसे अपनी जेब से चुकाने होंगे। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येन्द्र जैन ने बिजली कंपनियों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए कहा है कि यदि एक घंटे बिजली कटौती होती है तो जुर्माना नहीं देना होगा।
हर घंटे उपभोक्ता को मिलेंगे 100 रूपए
दूसरे घंटे की बिजली कटौती होने पर प्रति उपभोक्ता 50 रुपये इसके बाद हर घंटे प्रति उपभोक्ता 100-100 रुपये चुकाने होंगे। जुर्माने की रकम बिजली वितरण कंपनियों को स्वयं बिजली बिल के साथ उपभोक्ताओं को देनी होगी।
90 दिनों के बिजली बिल के साथ जुर्माने की रकम को चुकाना होगा। यदि इसमें बिजली वितरण कंपनियों की ओर से कोई गड़बड़ी की जाती है तो इस पर अंतिम फैसला दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग को लेना होगा।
यदि किसी एक उपभोक्ता के घर में बिजली की गड़बड़ी डिस्कॉम्स की वजह से हुई है तो शिकायत के बाद यदि तीन घंटे में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तब भी डिस्कॉम्स को प्रति घंटे उस उपभोक्ता को 100 रुपये चुकाने होंगे।
बिजली कटौती की देनी होगी सूचना
बिजली कंपनियों को यह स्पष्ट कहा गया है कि जुर्माने की रकम को डिस्कॉम्स अपने एआरआर (एग्रीगेट रेवेन्यू रिक्वायरमेंट) में शामिल न करें।
क्योंकि एआरआर की रकम उपभोक्ता से ही बाद में क्लेम किया जाता है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट-2003 के सेक्शन-108 में यह व्यवस्था की गई है कि सरकार नियामक को ऐसे निर्देश दे सके।
सरकार ने डीईआरसी को भेजे अपने पत्र में यह भी कहा है कि अगले 15 दिनों की प्लान बिजली कटौती की सूचना वेबसाइट पर देनी होगी और इसे हर दिन अपडेट भी करना होगा।