बदलते वक्त के साथ शादी समारोह भी फिल्मी होते जा रहे हैं। आयोजन भव्य और चकाचौंध भरे होते हैं। बड़ी-बड़ी इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां प्री वेडिंग, पोस्ट वेडिंग से लेकर हर तरह के समारोहों का पल-पल नियोजन करती हैं।
दिलचस्प यह है कि शादी दिल्ली में करवानी हो या किसी दूसरे शहर में हर एक की सुविधा बाजार में मौजूद है। यही नहीं, कम बजट में दिल्ली के ही अलग-अलग इलाकों में इसके लिए पूरा सेटअप मिल जाता है। इसमें थीम आधारित शादियां आयोजित हो सकती हैं। इंवेंट कंपनियां इस तरह की कई थीम आधारित शादी कराने की सुविधा भी दे रही हैं, जिसे एआई आधारित तकनीक से वीडियो बनाकर पेश किया जा रहा है। स्टेज को भी कुछ खास तरीके से सजाया जा रहा है, जिससे बराती उसका लुत्फ उठा सकें।
इवेंट मैनेजर बताते हैं कि जीवन के इस अहम पल को हर कोई यादगार बनाना चाहता है। इसमें दूल्हा, दूल्हन की साज-सज्जा तो है ही, समारोह स्थल को भी थीम आधारित सजाया जाता है। बीते पांच सालों में इसका चलन बढ़ा है। ईको फ्रेंडली वेडिंग थीम इन दिनों खास चलन में है। मसलन, पर्यावरण प्रेमी खुले स्थान में हरियाली के बीच शादी रचाते हैं। इसी तरह राजस्थानी वेडिंग थीम, बीच वेडिंग थीम, राजशाही वेडिंग थीम, फेयरी टेल वेडिंग थीम मशहूर है। बैंक्वेट की जगह रिसॉर्ट या फार्म हाउस में पंडाल को लाइटिंग और फूलों की सजावट से खास लुक दिया जा रहा है।
पांच साल में दोगुना हुआ बजट
एमबी इवेंट के चरन कोहली बताते हैं कि छोटी-छोटी चीजों का भी बहुत ख्याल रखा जा रहा है। इससे मेकअप आर्टिस्ट, मेकअप स्टूडियो, मनोरंजन समेत वेडिंग प्लानर भी इस व्यवसाय में जुड़ गए हैं। सब अपने-अपने तरीके से आयोजन को शाही बना देते हैं। इसमें शादी के दौरान ग्रुप डांस के साथ वर-वधू का प्रवेश आकर्षक होता है। आज भी ट्रॉली के माध्यम से जयमाला कराना लोग पसंद कर रहे है। खर्च जरूरत के हिसाब से घटता-बढ़ता है। बीते पांच सालों में इसमें दो गुना की बढ़ोतरी हुई है।
शादी समारोह कई थीम पर होते हैं। फ्लावर पैकेजिंग थीम, ट्रॉली पर जयमाल, वर-वधू का बड़ा-बड़ा पोस्टर, म्यूजिक पार्टी, सिंगरों की मांग आज भी वैसी ही है, जैसे पहले लोग पसंद करते थे। ब्राइडल ग्रुप की एंट्री फॉग के बीच कराई जाती है। डांस करते हुए भी ग्रुप में वर-वधू का प्रवेश कराया जाता है।