2.22 करोड़ रुपये की लागत से 5500 वर्गमीटर में लगाए जाएंगे अस्थायी एसी हैंगर, 15 दिन में तैयार होगा ढांचा
वीवीआईपी आयोजनों में सिर्फ पुलिस-सत्यापित स्टाफ को प्रवेश, तकनीकी टीम 24 घंटे रहेगी तैनात
आदित्य पाण्डेय
नई दिल्ली। राजधानी में बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और प्रदर्शनियों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर चुके भारत मंडपम की आयोजन क्षमता अब बढ़ाई जाएगी। जी-20 शिखर सम्मेलन और हाल में ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी के बाद यहां बड़े आयोजनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अगले महीने अंतरराष्ट्रीय भारतीय व्यापार मेले के मद्देनजर इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (आईटीपीओ) ने परिसर की अतिरिक्त जगह को भी बड़े आयोजनों के लिए इस्तेमाल करने की तैयारी शुरू कर दी है।
करीब 2.22 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत भारत मंडपम परिसर में 5,500 वर्गमीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले अस्थायी एयर-कंडीशंड हैंगर लगाए जाएंगे। इनमें एसी, बिजली, आधुनिक लाइटिंग, पावर लोड मैनेजमेंट, सेफ्टी अर्थिंग और अन्य जरूरी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इनका इस्तेमाल व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के दौरान अतिरिक्त जगह के तौर पर किया जाएगा।
आईटीपीओ एक साल के लिए टर्नकी आधार पर यह अस्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर लेगा। किसी बड़े आयोजन की सूचना मिलने के बाद संबंधित कंपनी को 15 दिनों के भीतर पूरा ढांचा तैयार करना होगा। इसमें एयर-कंडीशनिंग, बिजली, लाइटिंग और बैकअप जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। आयोजन समाप्त होने के बाद अस्थायी ढांचे को हटा दिया जाएगा और परिसर को पहले की स्थिति में बहाल किया जाएगा।
स्थायी निर्माण से बचने की योजना
आईटीपीओ ने स्थायी निर्माण के बजाय जरूरत के अनुसार अस्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकल्प चुना है। इससे मुख्य भवन के हॉल में जगह कम पड़ने पर आयोजन को परिसर की अतिरिक्त जगह तक विस्तार दिया जा सकेगा। साथ ही एक ही समय में बड़े स्तर के कई कार्यक्रम आयोजित करने की क्षमता बढ़ेगी। अस्थायी ढांचे के कारण परिसर की खुली जगह पर स्थायी निर्माण का दबाव भी नहीं पड़ेगा।
सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था पर जोर
वीवीआईपी और संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को देखते हुए अस्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने वाले सभी श्रमिकों और तकनीकी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। सत्यापन के बिना किसी कर्मचारी को आईटीपीओ सुरक्षा विभाग की ओर से प्रवेश पास नहीं दिया जाएगा। जरूरत के अनुसार आयोजन के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा संसाधन और मैनपावर भी तैनात किए जाएंगे।
-तकनीकी व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम 24 घंटे मौके पर मौजूद रहेगी। बिजली, एसी या अन्य तकनीकी प्रणालियों में खराबी आने पर तत्काल सुधार की व्यवस्था होगी। इस तरह भारत मंडपम में अब केवल जगह बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि बड़े आयोजनों के दौरान निर्बाध संचालन पर भी जोर दिया जा रहा है।