दिल्ली की व्यस्त सड़कों में से एक औरंगजेब रोड़ का नाम पूर्व राष्ट्रपित डॉ कलाम के नाम पर रखने पर विवाद चल ही रहा था कि दिल्ली में एक अन्य सड़क का नाम मुगल शासक के नाम पर रखा गया है।
ओखला से कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद खान ने एक सड़क का नाम औरंगजेब रोड रखा है। जो ओखला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कालिंदी कुंज से जामिया नगर को जाती है।
तीन किमी. की लंबाई की ये सड़क आमतौर पर पुस्त रोड के नाम से जानी जाती है। इसका नाम हरे साइन बोर्ड पर हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में लिखा गया है। ये सड़क आसिफ मोहम्मद खान के हिंदुत्व विचारधारा के खिलाफ अभियान का केंद्र है।
आसिफ मोहम्मद खान कहते हैं कि "मै नहीं कहता कि औरंगजेब एक महान आदमी था। मैं नहीं कहता कि एपीजे अब्दुल कलाम महान व्यक्ति नहीं थे। ये मुद्दा नहीं है। लेकिन हम इसे नकार नहीं सकते कि औरंगजेब हमारे इतिहास का हिस्सा था।"
'वे चाहते हैं- हमारे बच्चे हिंदुत्व की विचारधारा से चले'
वे आगे कहते हैं कि "हम इसे बदल नहीं सकते। यह भाजपा और आरएसएस द्वारा इतिहास को दोबारा लिखने की जबरदस्त कोशिश है। वे चाहते हैं कि हमारे बच्चे हिंदुत्व विचारधारा पर चलें।"
खान यह स्वीकारते हुए कि "सड़क का नाम बदलना अवैध था, कहते हैं कि ये वैसा ही है जैसे भाजपा ने किया है। राजनाथ सिंह, हमारे गृह मंत्री संसद में कह चुके हैं कि ऐतिहासिक इमारतों और स्थानों के नाम नहीं बदले जा सकते। ऐसे में औरंगजेब रोड का नाम क्यों बदला गया।
इसमें क्या गलत था? क्या इसमें मतभेद की कोई वजह नहीं थी? अगर मैं कहता हूं कि सडक का नाम बदलना गलत था तो मैं राष्ट्र विरोधी हूं।"
इतना ही नहीं पूर्व कांग्रेस विधायक सड़क चिन्ह के लिए शुक्रवार को उद्घाटन समारोह रखने की योजना बना रहे हैं। आसिफ खान ने कहा कि उन्हें यकीन है भाजपा शासित नगर निगम इसका विरोध करेगा और बोर्ड को हटया जाएगा। लेकिन वे इसकी परवाह नहीं करते।
'हिंदुत्व विचारधारा थोपी जा रही है'
आसिफ खान के मुताबिक बहुत से ऐसे लोग जिन्हें औरंगजेब रोड का नाम बदलना गलत लगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस सड़क के नाम के बोर्ड के फोटो पोस्ट किए हैं।
ये फोटो वायरल हो रहे हैं। हजारों लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि उन पर हिंदुत्व विचारधारा थोपी जा रही है। इसलिए उन्हें भी शुक्रवार को उद्घाटन समारोह में आमंत्रित किया गया है।
खान का मानना है कि औरंगजेब रोड का नाम बदलना डॉ कलाम को याद रखने के लिए बहुत छोटी बात है लेकिन केंद्र सरकार की हिंदुत्व विचारधारा के लिए ये ज्यादा अहम है।
खान ने कहा कि वास्तव में सवाल नाम बदलने का नहीं है। हिंदुत्व विचारधारा के साथ इतिहास को दोबारा लिखने का प्रयास किया जा रहा है। एक सड़क का नाम एक महान व्यक्ति के नाम पर रखना कैसे सम्मान की बात है? क्यों नही उनके नाम पर राजपथ का नाम रखते या एक एयरपोर्ट या बच्चों के लिए साइंस म्यूजियम का नाम रखते।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के प्रवक्ता मुकेश यादव के मुताबिक अबतक सड़क के नाम बदलने की कोई शिकायत उन्हें नही मिली है। अगर यह उनके कार्यक्षेत्र के अंर्तगत आता है और अवैध पाया जाता है तो इस पर विचार किया जाएगा।
साभार-इंडियन एक्सप्रेस