भारत के प्रधान न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर ने केजरीवाल सरकार की पहल सम-विषम फार्मूले का समर्थन करते हुए सोमवार को कार पूल कर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
सम-विषम फार्मूले से छूट के बावजूद प्रधान न्यायाधीश अपने साथी जज एके सिकरी के साथ उनकी कार में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने पहले ही कहा था कि अगर दिल्ली सरकार सम-विषम फार्मूले को लेकर आगे बढ़ना चाहती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है।
उन्होंने कहा था कि वह भी कार पूल करेंगे। अपने शब्दों पर कायम रहते हुए प्रधान न्यायाधीश सोमवार को न्यायमूर्ति एकेसिकरी की कार में बैठ कर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
ऐसा पहली बार जब प्रधान न्यायाधीश ने छोड़ी अपनी कार
संभवत: ऐसा पहली बार है जब प्रधान न्यायाधीश अपनी कार को छोड़ अपने साथी जज की कार से सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हों।
प्रधान न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों को सम-विषम फार्मूले के दायरे से अलग रखा गया है, बावजूद इसके प्रधान न्यायाधीश ने दिल्ली के आम नागरिक की तरह इस फार्मूले को समर्थन करते हुए साथी जज की कार से कोर्ट पहुंचे।
गत 15 दिसंबर को दिल्ली में प्रदूषण से संबंधित सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सम-विषम फार्मूले के बारे में कहा था कि उन्हें नहीं पता यह कितना कारगर होगा।
आप लागू कीजिए हम और साथी जज इसका पालन करेंगे
पीठ ने दिल्ली सरकार से कहा कि अगर आपको लगता है कि इस फार्मूले से प्रदूषण पर लगाम लगेगा, तो बेशक कीजिए। प्रधान न्यायाधीश ने यह भी कहा था कि आप इसे लागू करेंगे तो हम और हमारे साथी जज भी इसका पालन करेंगे।
इसके अलावा राजधानी की अदालतों के जज व वकील भी पर्यावरण को बचाने की मुहिम से जुड़ गए हैं। जिला अदालतों के कई जज साइकिल से कोर्ट पहुंच रहे हैं।
उनका कहना है कि परेशानी जरूर है, लेकिन अपने बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए परेशानी तो उठानी ही होगी।