दिल्ली सरकार द्वारा राजधानी में प्रदूषण कम करने की दिशा में दोबारा सम-विषम फार्मूला शुरू करने की घोषणा के साथ ही निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका भी दायर हो गई।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करने की अपेक्षा दुर्भावनापूर्ण तरीके से अन्य वाहनों को सड़कों पर आने से रोक रही है। इसके अलावा अनाधिकृत कॉलोनियों में चल रहे कारखानों और औद्योगिक इकाइयों को बंद करवाने का भी निर्देश दिया जाए।
यह जनहित याचिका अभियान नामक एनजीओ ने दायर की है। आरोप लगाया गया है कि राजधानी में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या इस कारण बढ़ रही है क्योंकि सरकार ऐसे वाहनों को दंडित करने के प्रावधान वाले मोटर वाहन अधिनियम 1988 को लागू करने में असफल रही है।