दिवाली पर पटाखे नचलाने की सारी अपील धरी रह गई। शनिवार को लोगों ने जमकर पटाखे चलाए। दिल्ली पुलिस के बीट ऑफिसर से लेकर जिला पुलिस उपायुक्त ने अपने-अपने इलाकों में लोगों को प्रदूषण बढ़ने का हवाला देकर आतिशबाजी नहीं करने की गुजारिश की थी। लेकिन लोग बाज नहीं आए। पुलिस ने भी ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। बीते चार साल में दिल्ली सबसे प्रदूषित रही।
दिवाली के दिन पटाखे चलाने और बेचने पर 1206 मुकदमे दर्ज कर 850 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा अलग-अलग जगहों से 1314 किलो पटाखे बरामद किए गए। अहम है कि दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देख एनजीटी ने 30 नवंबर तक पटाखे बेचने और चलाने पर रोक लगा दी थी।
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त प्रवक्ता अनिल मित्तल ने बताया कि प्रतिबंध के बाद दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में आ गई थी। दिल्ली के सभी 15 जिलों में थाना प्रभारियों से आरडब्ल्यूए के साथ बैठक की गईं।
इसके अलावा स्कूलों में बच्चों से ऑन लाइन क्लास के दौरान पटाखे नहीं चलाने की गुजारिश की गई थी। शनिवार को सबसे अधिक बाहरी-उत्तरी जिले में शनिवार को 165 केस दर्ज कर 165 लोगों को गिरफ्तार किया गया। खुद दिल्ली पुलिस आयुक्त शनिवार शाम को गश्त पर रहे। उन्होंने जगह-जगह जाकर हालात का जायजा लेने के अलावा त्योहार के दिन ड्यूटी कर रहे अपने स्टाफ को मिठाई भी बांटी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 30 नवंबर तक आदेश का पालन करवाया जाएगा। सूत्रों का दावा है कि पुलिस की गश्त बस मेन रोड तक ही सीमित रही। बीट ऑफिसरों या पीसीआर की गाड़ियों ने कॉलोनियों के भीतर आने से परहेज ही किया। इसकी वजह से लोग पटाखे जलाते रहे।
दिवाली पर हुई कार्रवाई
जिला केस दर्ज गिरफ्तार पटाखे बरामद (किलो)
पूर्वी जिला 93 55 31
उत्तर-पूर्व 35 22 3.10
शाहदरा 48 32 266
दक्षिण जिला 91 60 68.85
दक्षिण-पूर्व 96 28 57.70
मध्य जिला 17 15 1.40
उत्तरी जिला 146 88 74
बाहरी-उत्तरी 165 165 118.10
उत्तर-पश्चिम 127 135 30.30
रोहिणी 69 65 36.30
पश्चिम जिला 89 13 79.50
बाहरी जिला 99 100 286.20
द्वारका 73 42 0.40
नई दिल्ली 17 10 0.47
दक्षिण-पश्चिम 41 20 260.70