अग्निकांड में सबसे ज्यादा मौतें तीसरी मंजिल पर हुई थीं। पहली व दूसरी मंजिल पर रेहान की यूनिटें लगी हुई हैं। तीसरी व चौथी मंजिल किराए पर थी। यहां किराएदारों ने अपनी यूनिटें खोली रखी थीं। काम करने के बाद किराएदार और उनके मजदूर यहीं सोते थे।
आग के समय तीसरी मंजिल पर सबसे ज्यादा लोग थे। यह खुलासा दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की शुरुआती जांच से हुआ है। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को छह और
घायलों के बयान दर्ज किए। पुलिस अब तक 22 घायलों के बयान दर्ज कर चुकी है। अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार, घायलों ने बताया कि आग के समय तीसरी मंजिल पर सबसे ज्यादा लोग सोए हुए थे। नींद खुली तो कमरे में घना धुआं भर चुका था। लोग सांस लेने के लिए दीवारों पर लगे जंगलों की तरफ भागे। कमरों में धुआं इस कदर था कि पीड़ित सहायता के लिए कुछ समय
चिल्लाए। इसके बाद बेहोश हो गए थे। पीड़ितों को ज्यादा चिल्लाने का मौका भी नहीं मिला। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में पता चला कि ये सभी धुएं से बेहोश हो गए थे। फायर स्टेशन पास होने के कारण फायरकर्मी तुरंत मौके पर पहुंच गए और लोगों को समय से निकाल लिया था। अग्निशमन
कर्मियों ने फुर्ती नहीं दिखाई होती तो मरने वालों की संख्या काफी ज्यादा हो सकती थी। ज्यादातर घायलों को अस्पताल में ही होश आया था। उधर, अपराध शाखा की टीमों ने रेहान के भाई इमरान व साले सोहेल को पकड़ने के लिए मंगलवार रात को अनाज मंडी के पीछे स्थित मॉडल बस्ती में
छापेमारी की। दोनों ही अपने घरों में फरार थे। बिल्डिंग में स्थित कई कमरों के मालिक इमरान व सोहेल भी हैं। इस कारण पुलिस दोनों की तलाश कर रही
है।