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ग्रैप लागू होने के बाद भी बिगड़ी एनसीआर की हवा, पराली के धुएं से आज प्रदूषण और बढ़ने के आसार

Wed, 16 Oct 2019 02:01 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली के भैरो मार्ग पर दिखा प्रदूषण का खतरनाक स्तर - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बेहद खराब स्तर पर दर्ज किया गया। एनसीआर में करनाल सर्वाधिक प्रदूषित रहा, जबकि नोएडा में एक्यूआई 305 और दिल्ली में 270 दर्ज किया गया। 

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि मौसमी दशाओं में  सकारात्मक बदलाव नहीं आया तो आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है।

सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक सोमवार की तुलना में 35 अंक अधिक  दर्ज किया गया। वहीं, सफर का कहना है कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता आने वाले दिनों में कमोबेश एक सी रहेगी। 
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दिवाली से पहले इसमें गिरावट आने की उम्मीद है। इन दिनों हरियाणा, पंजाब व पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के मामलों में बीते 24 घंटों में बढ़ोत्तरी हुई है। मंगलवार को राजधानी में पीएम 2.5 के स्तर में पंजाब से आने वाले पराली के धुएं का हिस्सा 5 फीसदी रहा। बुधवार को इसके 6 फीसदी तक पहुंचने की अंदेशा है।

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डीजल जनरेटरों व ईंट भट्ठों पर रोक

ग्रैप के तहत एनसीआर के गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत और बहादुरगढ़ में डीजल जनरेटरों, ईंट भट्ठों व स्टोन क्रॅशरों पर रोक लगा दी गई। हालांकि अस्पताल, रेलवे आदि जैसी आपात व आवश्यक सेवाओं के लिए डीजल जनरेटरों के उपयोग की छूट दी गई है। 

उधर, डीजल जनरेटरों के उपयोग पर ग्रैप के तहत लगाई गई रोक के खिलाफ हरियाणा सरकार की अपील मंगलवार को ईपीसीए ने खारिज कर दी। हरियाणा सरकार ने उन कॉलोनियों के लिए इस रोक को हटाने की गुहार लगाई थी, जहां बिजली व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के चलते जनरेटरों से ही विद्युत आपूर्ति हो रही थी। लेकिन ईपीसीए ने स्पष्ट कहा कि विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए राज्य को पर्याप्त समय दिया गया था।

एनजीटी ने यूपी, हरियाणा व पंजाब से मांगी रोजाना रिपोर्ट
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब की सरकारों को रोजाना पराली जलाने के कारण वायु गुणवत्ता पर हो रहे असर की रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। 

जस्टिस आदर्श कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस बात पर भी चिंता जताई कि केंद्र सरकार की तरफ से किसानों को आधुनिक उपकरण खरीदवाने के लिए राज्य सरकारों को 600 करोड़ रुपये दिए गए, लेकिन सभी किसानों के पास फिर भी ऐसे उपकरण मौजूद नहीं हैं। पीठ ने इसके लिए आवश्यक अतिरिक्त फंड की व्यवस्था राज्य सरकारों को अपने स्तर पर ही करने का आदेश दिया।

एनसीआर के शहरों का एक्यूआई
करनाल        343 
पानीपत       336
गाजियाबाद    308
नोए़डा        305
ग्रेटर नोएडा   302
फरीदाबाद     294 
दिल्ली       270
गुरुग्राम      240
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