ग्रैप के तहत एनसीआर के गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत और बहादुरगढ़ में डीजल जनरेटरों, ईंट भट्ठों व स्टोन क्रॅशरों पर रोक लगा दी गई। हालांकि अस्पताल, रेलवे आदि जैसी आपात व आवश्यक सेवाओं के लिए डीजल जनरेटरों के उपयोग की छूट दी गई है।
उधर, डीजल जनरेटरों के उपयोग पर ग्रैप के तहत लगाई गई रोक के खिलाफ हरियाणा सरकार की अपील मंगलवार को ईपीसीए ने खारिज कर दी। हरियाणा सरकार ने उन कॉलोनियों के लिए इस रोक को हटाने की गुहार लगाई थी, जहां बिजली व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के चलते जनरेटरों से ही विद्युत आपूर्ति हो रही थी। लेकिन ईपीसीए ने स्पष्ट कहा कि विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए राज्य को पर्याप्त समय दिया गया था।
एनजीटी ने यूपी, हरियाणा व पंजाब से मांगी रोजाना रिपोर्ट
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब की सरकारों को रोजाना पराली जलाने के कारण वायु गुणवत्ता पर हो रहे असर की रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
जस्टिस आदर्श कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस बात पर भी चिंता जताई कि केंद्र सरकार की तरफ से किसानों को आधुनिक उपकरण खरीदवाने के लिए राज्य सरकारों को 600 करोड़ रुपये दिए गए, लेकिन सभी किसानों के पास फिर भी ऐसे उपकरण मौजूद नहीं हैं। पीठ ने इसके लिए आवश्यक अतिरिक्त फंड की व्यवस्था राज्य सरकारों को अपने स्तर पर ही करने का आदेश दिया।
एनसीआर के शहरों का एक्यूआई
करनाल 343
पानीपत 336
गाजियाबाद 308
नोए़डा 305
ग्रेटर नोएडा 302
फरीदाबाद 294
दिल्ली 270
गुरुग्राम 240