फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश में बढ़ रही है एथिकल हैकर्स की मांग

Thu, 18 Sep 2014 11:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
हैकिंग का डर अपने देश में अब कंपनियों को सताने लगा है। आम लोगों के साथ ही कॉरपोरेट घरानों, सरकारी विभागों को सोशल मीडिया समेत ईमेल पर अपलोड निजी जानकारी हैक होने का खतरा है।
विज्ञापन


इनका सारा रिकॉर्ड व डेटा कंपनियों के ईमेल आईडी समेत सर्वर रूम में स्टोर होता है। इससे निपटने के लिए कंपनियां एथिकल हैकर्स की नियुक्तयां कर रही हैं।

एथिकल हैकर्स की नौकरी के लिए इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ ई-कॉमर्स कंसलटेंट से कंपनियां सेवाएं ले रही हैं। कंसलटेंट कंपनियों से दक्ष एथिकल हैकर्स मिलते हैं, जिन पर कंपनियों के डेटा को सुरक्षित रखने पर भरोसा किया जा सकता है। इनकी नौकरी बेहद गोपनीयता रखी जाती है और मोटा वेतन दिया जाता है।

2011 में आठ अरब डॉलर का नुकसान
2011 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कंपनियों को उक्त वर्ष साइबर चोरी से आठ अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। नैसकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, 2013 में भारत में महज 22 हजार प्रोफेशनल हैं, लेकिन पड़ोसी देश चीन में इनकी संख्या 25 लाख हैं। मिकनेक्से डिजिटल कंज्यूमर्स के सर्वे के मुताबिक, 2015 तक भारत में 37 करोड़ इंटरनेट यूजर होंगे।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: डीटीयू के दो छात्रों को 73-73 लाख का पैकेज

मैक्सिको के इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ ई-कॉमर्स कंसलटेंट के अध्यक्ष व संस्थापक, जय बाविसी ने कहा कि, हाईटेक युग में कॉरपोरेट घरानों समेत आईटी कंपनियों को अपने रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना बेहद जटिल हो गया। सरकार के अलावा गैर सरकारी कंपनियों पर भी हर समय सूचनाओं के चोरी होने का खतरा बढ़ गया है। इसी से बचने के लिए अब एथिकल हैकर्स की डिमांड बढ़ गई है।

एनआईआईटी एथिकल हैकिंग में करवाएगा पढ़ाई
साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं व मांग को देखते हुए एनआईआईटी युवाओं को एथिकल हैकिंग की पढ़ाई करवाएगा। इसके लिए संस्थान ने इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ ई-कॉमर्स कंसलटेंट के साथ टाईअप किया है। सोमवार को दिल्ली में इन दोनों पर पढ़ाई करवाने पर एमओयू साइन हुआ।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें