गिरवी रखी प्रॉपर्टी के फर्जी कागजात तैयार कर पौने चार करोड़ का लोन लेने वाले जालसाज को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने वित्तीय एजेंसी के साथ-साथ बैंकों से भी लोन लिया और बिना किस्त चुकाए फरार हो गया था।
शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉक्टर ओपी मिश्रा ने बताया कि आरोपी की पहचान राणा प्रतापबाग निवासी आशीष गुप्ता(40) के रूप में हुई है। रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड के प्रतिनिधि मनोज कुमार ने वर्ष 2014 में रानी बाग थाने में आशीष गुप्ता पर ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी।
जिसमें बताया कि आशीष गुप्ता ने हर्ष विहार और प्रीतमपुरा स्थित प्रॉपर्टी के आधार पर कंपनी से दो बार में 2.90 और 88 लाख रुपये का लोन लिया था। लेकिन उसने लोन की किस्त नहीं चुकाई। मनोज की शिकायत पर रानी बाग थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। वर्ष 2020 में मामला आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई।
जांच में पता चला कि जिस प्रॉपर्टी पर आरोपी ने कंपनी से लोन लिया था उसके फर्जी कागजात तैयार कर उसे गिरवी रखकर पंजाब नेशनल बैंक और पंजाब एवं सिंध बैंक से 6-6 करोड़ का लोन ले चुका है। उसके बाद कंपनी से 3.76 करोड़ का लोन लिया और बैंक और कंपनी के बिना जानकारी के प्रॉपर्टी को भाटिया एस्टेटस को बेच दिया।
शिकायत दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। इसी बीच 21 दिसंबर को पुलिस को आरोपी के राणाप्रताप बाग में होने की जानकारी मिली और पुलिस ने उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसके खिलाफ सिहानी गेट थाने में दहेज प्रताडना और मारपीट का मामला दर्ज है।