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Delhi NCR News: मसूरी के 19 होटलों पर पर्यावरण मुआवजा, 30 को कारण बताओ नोटिस

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-उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण को दी जानकारी
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एनजीटी ने यूकेपीसीबी को छह सप्ताह में नई कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने के दिए निर्देश, 21 सितंबर को अगली सुनवाई

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। मसूरी में पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वाले होटलों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूकेपीसीबी) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को बताया कि नियमों के उल्लंघन पर 19 होटलों पर पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है, जबकि 30 अन्य होटलों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। मामला पर्यावरणीय मानकों का पालन किए बिना होटल संचालन और मसूरी झील से अनियंत्रित जल दोहन से जुड़ा है।
न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने यूकेपीसीबी की कार्रवाई रिपोर्ट पर सुनवाई की। बोर्ड ने बताया कि नोटिस पाने वाले 30 होटलों में से 12 पर बाद में पर्यावरण मुआवजा भी लगाया जा चुका है। शेष 18 मामलों में जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर चार सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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एनजीटी ने यूकेपीसीबी को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी होटल वैध कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) के साथ ही संचालित हों और सभी पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन करें। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।पीठ ने बोर्ड को छह सप्ताह के भीतर ताजा कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा कि उल्लंघन करने वाले सभी प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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गौरतलब है कि पिछले वर्ष दिसंबर में भी एनजीटी ने यूकेपीसीबी को निर्देश दिया था कि पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वाले होटलों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई कर पर्यावरण मुआवजा तय किया जाए और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए संबंधित आदेश जारी किए जाएं। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
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