पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडे़कर द्वारा 10 किमी दायरे को 100 मीटर दायरा तय करते ही लोगों में खुशी है। मंगलवार को बायर्स एसोसिएशन ने केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा से मुलाकात की और सहयोग करने पर धन्यवाद दिया।
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मालूम हो कि करीब एक माह पहले डॉ. महेश शर्मा के नेतृत्व में बायर्स एसोसिएशन और बिल्डरों का प्रतिनिधिमंडल पर्यावरण मंत्री से मिला था। उन्हें फ्लैट खरीदारों की दिक्कतों से अवगत कराया था। पर्यावरण मंत्री ने आश्वासन दिया था कि एक माह के अंदर निर्णय ले लिया जाएगा।ब्यू
नोएडा के 45 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में करीब एक लाख फ्लैट खरीदारों को अपना फ्लैट अब रहने के लिए मिल सकेगा। ओखला पक्षी विहार के ईको सेंसिटिव जोन के जल्द तय किए जाने से करीब दो साल से अटकी फ्लैटों की रजिस्ट्री शुरू हो जाएगी।
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अब खुल जाएगा रजिस्ट्री का रास्ता
प्राधिकरण के मुताबिक, ओखला पक्षी विहार से दस किलोमीटर के दायरे में कुल 53 प्रोजेक्ट आ रहे हैं। इनमें से 45 प्रोजेक्ट ग्रुप हाउसिंग के हैं और बाकी कॉमर्शियल और संस्थागत प्रोजेक्ट हैं।
इन 45 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में करीब एक लाख फ्लैट होने का अनुमान है। इनमें से ज्यादातर फ्लैट तैयार हैं, मगर एनजीटी से रोक के कारण प्राधिकरण से इनको कंपलीशन सर्टिफिकेट नहीं मिल रहा। बिना कंपलीशन के फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं हो सकती और रजिस्ट्री के बिना खरीदारों को फ्लैटों पर पजेशन नहीं मिल पा रहा।
मंत्रालय द्वारा ईको सेंसिटिव जोन का दायरा तय करते ही एनजीटी से भी अगली तारीख पर हरी झंडी मिलने की संभावना है। उसके बाद प्राधिकरण से कंपलीशन और रजिस्ट्री का रास्ता खुल जाएगा।
रजिस्ट्री के बाद ही फ्लैटों पर खरीदारों को कानूनी तौर पर मालिकाना हक मिलेगा। रजिस्ट्री विभाग का अनुमान है कि इन फ्लैटों की रजिस्ट्री से करीब 450 करोड़ रुपये का स्टांप मिल सकेगा। वहीं, इस रोक से डरे बिल्डर नए प्रोजेक्ट लांच नहीं कर रहे थे। अब उनके लिए भी रास्ता खुल जाएगा।