निगम मुख्यालय सिविक में भी मेयर, डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। चुनाव को लेकर किसी भी वक्त नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। आम आदमी पार्टी के पार्षदों की मानें तो शैली ओबरॉय का दोबारा मेयर प्रत्याशी बनना तय है। यदि ऐसा होता है तो पीठासीन अधिकारी चुनने का अधिकार फिर से एलजी विनय कुमार सक्सेना के पास होगा। मेयर चुनाव के परिणाम को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ दिखती है, लेकिन राजनीतिक हलके में चर्चा है कि अगले वर्ष लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा अपना मेयर बनाने की पूरी कोशिश करेगी।
भाजपा खेमे में भी बढ़ी सक्रियता
एमसीडी में आम आदमी पार्टी का बहुमत है लेकिन सूत्रों की मानें तो मेयर के चुनाव को लेकर भाजपा खेमे में सक्रियता बढ़ गई है। भाजपा की सक्रियता आप के लिए मुसीबत से कम नहीं है। यदि भाजपा आप के करीब दो दर्जन पार्षदों को तोड़ने में कामयाब होती है तो लोकसभा चुनाव में इसका बड़ा संदेश जनता के बीच जाएगा और फिर सीएम अरविंद केजरीवाल की चुनावी योजनाओं की राह आसान नहीं होगी। फिलहाल भाजपा के लिए आप के पार्षदों को तोड़कर अपने पाले में लाना आसान नहीं है क्योंकि आप-भाजपा दोनों पक्षों के ज्यादातर पार्षद अपनी-अपनी पार्टी के प्रति तटस्थ दिख रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ ये भी उतना ही सत्य है कि एमसीडी की राजनीति में कभी भी पार्षदों का दल-बदल कर लेना सामान्य सी बात है क्योंकि निगम पार्षदों पर दल बदल कानून लागू नहीं होता। फिलहाल एमसीडी की अगली सदन की बैठक में मेयर चुनाव की तारीख पर फैसला लिया जाएगा। उससे पहले चुनावी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
रेखा गुप्ता का बयान चर्चा का विषय
आम आदमी पार्टी के खेमे में भाजपा की पूर्व मेयर प्रत्याशी रेखा गुप्ता की वह बात चर्चा का विषय बनी है, जो उन्होंने शैली ओबराॅय के मेयर बनने के बाद सदन की पहली बैठक में कही थी। सदन की बैठक में आप पार्षदों के यह कहने पर कि भाजपा को अब विपक्ष में बैठने की आदत डाल लेनी चाहिए। इस पर रेखा गुप्ता ने कहा था कि भाजपा विपक्ष में बैठने के लिए नहीं बनी है। यही वह लाइन है, जिसके बाद से फिर से लगने लगा है कि इस बार भी मेयर का चुनाव दिलचस्प होगा।
बहुमत का आंकड़ा आप के पक्ष में
मेयर चुनाव के लिए कुल 274 मतों में से 150 वोट अभी आप के पक्ष में हैं, जबकि 116 वोट भाजपा के पास हैं। बीते वर्ष 7 दिसंबर को निगम के 250 वार्डों के चुनाव हुए थे। इसमें आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की थी और एमसीडी में 15 साल तक लगातार सत्ता में रहने वाली भाजपा को मात दी थी। आप को 134 सीटों पर जीत मिली थी, भाजपा 104 सीटों पर सिमट गई थी। कांग्रेस को नौ सीटें ही मिली थीं। तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे। 22 फरवरी को मेयर, डिप्टी मेयर के चुनाव में आप प्रत्याशी शैली ओबरॉय मेयर और आले इकबाल डिप्टी मेयर चुने गए थे। इसके बाद ही बवाना वार्ड से आप पार्षद रहे पवन सहरावत ने भाजपा का दामन थाम लिया था।