राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर रविवार दोपहर रेड लाइट जंप करने पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। कांस्टेबल के सिर में चोट लगने से खून बहने लगा। बीच सड़क पुलिस की बेदर्दी देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
उन्होंने एक सिपाही को दबोचकर पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद एनएच-58 पर जाम लगा दिया। जाम में चार एंबुलेंस भी आधा घंटा फंसी रहीं। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत किया। दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल और ट्रैफिक पुलिस के घायल सिपाही को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सेक्टर-23 संजयनगर निवासी पूर्व फौजी और वर्तमान में दिल्ली पुलिस में सिपाही राजेंद्र सिंह सादे कपड़ों में बहनोई विपिन राठी के साथ बाइक पर घूकना से घर लौट रहा था। विपिन ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन चौक पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने उसे बाइक रोकने को कहा।
बाइक रोककर राजेंद्र सिपाही के पास पहुंचा। ट्रैफिक पुलिसकर्मी बोला कि उसने रेड लाइट जंप की है। पांच सौ रुपये देने पड़ेंगे। राजेंद्र ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी को बताया कि वह दिल्ली पुलिस में है।
इस पर दोनों में कहासुनी हो गई। ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने राजेंद्र को धक्का दिया, वह ट्रक के आगे गिरा और बाल-बाल बचा। राजेंद्र ने विरोध किया तो उसे पुलिसवालों ने बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया।
करीब बीस मिनट तक पुलिसवाले उसे पीटते रहे। बाद में राजेंद्र को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह आईसीयू में है। बीच बचाव करने पर विपिन को भी पीटा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिसकर्मियों की इस हरकत पर वहां से गुजर रहे लोग भड़क गए। पब्लिक ने पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया, भागते हुए पुलिसकर्मियों में से एक पुलिसकर्मी हत्थे चढ़ा तो उसकी धुनाई कर दी।
इस दौरान राजनगर एक्सटेंशन जाम हो गया। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने वायरलेस पर सूचना दी। एसएचओ सिहानीगेट मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। पब्लिक की पिटाई से चोटिल ट्रैफिक पुलिसकर्मी को संयुक्त चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
पुलिस और परिजनों की नोकझोंक
राजेंद्र के परिजनों की पुलिस से नोकझोंक हुई। पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी। परिजन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सिविल पुलिस ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि मामला ट्रैफिक के आलाधिकारियों को बताया गया है, वे एक्शन लेंगे।