जानकारी के अभाव में गैस एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं को हर माह तीन करोड़ रुपये की चपत लगा रहे हैं। नियम है कि उपभोक्ता यदि एजेंसी या गोदाम से सिलेंडर लेते हैं तो उनसे होम डिलीवरी चार्ज 16.47 नहीं लिया जाएगा।
मगर संचालक गोदाम से सिलेंडर लेने वाले लोगों से डिलीवरी चार्ज ले रहे हैं। कंपनियां प्रत्येक एजेंसी संचालक को होम डिलीवरी के रूप में चार्ज देती हैं। हॉकर जब सिलेंडर लेकर घर आते हैं तो सिलेंडर की कीमत (वर्तमान में सब्सिडी सिलेंडर पर 431 रुपये) में उनका मानदेय भी रहता है।
वहीं उपभोक्ता जब खुद एजेंसी या गोदाम से सिलेंडर लेंगे तो होम डिलीवरी चार्ज 16.47 नहीं लिया जाएगा। मगर एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं को पूरे रेट पर ही सिलेंडर देते हैं।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उपभोक्ताओं को नियमों की जानकारी नहीं होती। शहर की 43 गैस एजेंसियां से रोज 14 हजार सिलेंडर की खपत होती है। करीब 50 प्रतिशत उपभोक्ता एजेंसी जाकर सिलेंडर लेते हैं।
हर माह में उपभोक्ताओं से तीन करोड़ से ज्यादा वसूली की जाती हैं। भारत पेट्रोलियम के एरिया मैनेजर सौरभ शाह ने बताया कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।