निजामुद्दीन मरकज का एक दृश्य (फाइल फोटो)
- फोटो : जी पाल
देश में कोरोना वायरस के मामलों में अचानक इजाफा करने वाले तब्लीगी जमात के मुखिया मौलाना साद के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। ईडी ने दिल्ली पुलिस की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 31 मार्च को मौलाना साद समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। साद ने बडे़ जमावड़े पर रोक के आदेश के बावजूद जलसा किया था।
अपराध शाखा की जांच में सामने आया सच
दिल्ली अपराध शाखा की टीम को पता चला कि मरकज के मौलाना मोहम्मद साद के बैंक खातों में विदेशों से भी पैसे आते थे। इस पैसे को लेकर अपराध शाखा कई कोणों से जांच कर रही है। वहीं, मौलाना साद के भाई व रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। अब तक करीब 25 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है।
अपराध शाखा की जांच में ये बात सामने आ चुकी है कि मरकज में आने वाले हर जमाती से कैश में पैसे लिए जाते थे। अब अपराध शाखा के सूत्रों का कहना है कि मौलाना साद के बैंक खातों में विदेशों से पैसा आता है। मरकज में कार्यक्रम होने से पहले साद के बैंक खातों में विदेश से मोटी रकम आई थी। ये भी पता चला है कि विदेशों से पैसा आने का सिलसिला एकदम बढ़ गया था।
इस कारण बैंक के अधिकारियों ने मौलाना साद के चार्टेड एकाउंटेंट को बुलाकर इस बाबत पूछताछ भी की थी। इस समय बैंक अधिकारियों ने मौलाना साद से मिलने की बात भी कही थी। जब साद बैंक अधिकारियों से नहीं मिले तो उन्होंने 31 मार्च को आने वाली रकम के लेनदेन पर रोक लगाने की हिदायत दी थी।
अपराध शाखा की टीमें मौलाना साद के बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है। इस बाबत करीब 100 लोगों से पूछताछ भी की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि बैंक खातों व पैसे के लेनदेन की जांच जल्द ही किसी दूसरी एजेंसी को सौंपी जा सकती है।