9 फरवरी को बवाना औद्योगिक क्षेत्र में कारोबारी की हत्या हुई थी। बाइक सवार बदमाशों ने प्लास्टिक कारोबारी वैभव गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी और वारदात के बाद उनका एक लैपटॉप बैग लेकर फरार हो गए थे। इस जघन्य हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी थी।
घटना के कुछ समय बाद, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट डालकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों रणदीप मलिक और अनिल पंडित ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी। इस खुलासे ने पुलिस की जांच को एक नई दिशा दी और यह स्पष्ट हो गया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी।
पुलिस हत्यारों को पकड़ने के लिए लगातार तकनीकी सर्विलांस और अन्य खुफिया जानकारियों के आधार पर पीछा कर रही थी। शनिवार देर रात, मुखबिरों से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर, बवाना थाना पुलिस की टीम ने बवाना के मुनक नहर के पास घेराबंदी की। जैसे ही बदमाशों ने पुलिस को देखा, उन्होंने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग की। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी। इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने पांचों बदमाशों को दबोच लिया।
स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि मुठभेड़ के बाद पांच बदमाशों को बवाना थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभी तक कि जांच में गैंगस्टर से बदमाशों का कोई संपर्क नहीं आया है। बदमाश लूटपाट के लिए वारदात को अंजाम दिया था। कारोबारी के वहां से भागने पर बदमाशों ने उनपर गोली चला दी थी। पुलिस गैंगस्टर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट को लेकर भी जांच कर रही है।