देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स में अक्सर इमरजेंसी में भर्ती होने के लिए मरीजों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। कई बार बिस्तर खाली नहीं होने के कारण मरीजों को सफदरजंग या अन्य किसी अस्पताल में जाने की सलाह तक दी जाती है। इसलिए अब एम्स प्रबंधन आपातकालीन विभाग के विस्तार पर काम कर रहा है। एम्स के नए मास्टर प्लान के तहत आपातकालीन विभाग में जल्द ही दोगुनी से ज्यादा बिस्तरों की क्षमता करने पर काम शुरू होगा। हालांकि, इससे पहले एम्स की ओपीडी नए ब्लॉक में शिफ्ट होगी।
एम्स में हर दिन करीब आठ से नौ हजार मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं। दिल्ली के अलावा हरियाणा, पंजाब, यूपी, बिहार और राजस्थान से सर्वाधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। ऐसे में काफी समय से ओपीडी के विस्तार पर एम्स काम कर रहा था। इसी सिलसिले में एम्स परिसर में ओपीडी के लिए अलग से नया ब्लॉक भी बनकर तैयार हो चुका है। करीब 570 कमरों वाले इस ब्लॉक में हर दिन 10 हजार मरीजों तक को उपचार मिल सकेगा। वर्तमान में गेट नंबर-1 के पास ही राजकुमारी ब्लॉक में ओपीडी संचालित है। इसलिए अगले एक से दो माह में ओपीडी नए ब्लॉक में शिफ्ट हो जाएगी। इसके बाद आपातकालीन विभाग पर काम चलेगा।
एम्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ओपीडी का नया ब्लॉक शुरू होने के बाद राजकुमारी ब्लॉक के रूप में एम्स को विकल्प मिलेगा। इसका इस्तेमाल आपातकालीन विभाग के विस्तार के लिए किया जाएगा। बताया जा रहा है कि राजकुमारी ब्लॉक के भूतल को आपातकालीन विभाग से जोड़ने का विचार है। ऊपरी मंजिल पर एम्स के प्रोफेसरों के लिए ऑफिस उपलब्ध कराए जाएंगे। एम्स ने आपातकालीन विभाग में करीब 100 से ज्यादा बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस समय करीब 35 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है, जबकि दिनभर में करीब 200 से ज्यादा मरीज वार्ड में भर्ती होने पहुंचते हैं।
ये सही है कि आपातकालीन विभाग में बिस्तरों की संख्या कम होने के कारण काफी परेशानियां देखने को मिल रही हैं। इसलिए नए ब्लॉक में ओपीडी शिफ्ट होने के बाद राजकुमारी ब्लॉक के भूतल को आपातकालीन विभाग से जोड़ने और पहली मंजिल पर प्रोफेसरों के लिए ऑफिस बनाने पर काम किया जाएगा।
-प्रोफेसर डॉ. रणदीप गुलेरिया, निदेशक-एम्स