शाहीन बाग का रास्ता 101 दिन से बंद होने की वजह से फरीदाबाद से नोएडा जाने वाले लाखों लोगों को रोज कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा था। कई लोगों की तो इसके कारण नौकरी भी चली गई। स्कूली बच्चे भी खासे परेशान थे। उनकी बोर्ड परीक्षा की अभिभावकों की दुहाई तक को प्रदर्शनकारियों ने अनसुना कर दिया था। अब इलाके के लाखों लोगों ने राहत की सांस ली है।
सुप्रीम कोर्ट के वार्ताकार भी रहे नाकाम
शाहीन बाग के रास्ते को खाली कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन को वार्ताकार नियुक्त किया था। इन्होंने छह दफा शाहीन बाग पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को रास्ता खाली कराने के लिए समझाया, लेकिन वे नहीं माने। प्रदर्शनकारियों की जिद के कारण वार्ताकार हर बार नाकाम ही लौटे। उन्होंने इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी थी।
प्रदर्शन का सफरनामा
15 दिसंबर 2019 : जेएनयू का स्कॉलर शरजील इमाम (अब देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार) अपने कुछ साथियों के साथ सड़क किनारे धरने पर बैठा था।
18 दिसंबर : शाहीन बाग की स्थानीय महिलाएं धरने में शामिल। पुलिस ने कालिंदी कुंज और सरिता विहार की ओर से सड़क पर बेरिकेड लगा दिया।
20 दिसंबर : सड़क के एक हिस्से पर प्रदर्शनकारियों ने कब्जा किया।
22 दिसंबर : नोएडा से आने वाली सड़क पर भी प्रदर्शनकारियों ने कब्जा कर लिया। दिल्ली की सत्ताधारी आप के विधायक अमानतुल्लाह ने प्रदर्शनकारियों को दिया समर्थन।
चर्चा में रहीं ये बातें
- शाहीन बाग की बुजुर्ग महिलाओं को प्रदर्शनकारियों ने ‘दादियां’ पुकारना शुरू किया। ये सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं।
- देशद्रोह के आरोपी शरजील इमाम का विवादित वीडियो सामने आया। इसमें उसने देश से असम को काटने की रणनीति बताई थी। इससे प्रदर्शन को चर्चा मिली।
- शरजील की गिरफ्तारी का शाहीन बाग में जमकर हुआ विरोध।
- दिल्ली के विधानसभा चुनाव में गृह मंत्री अमित शाह का शाहीन बाग को करंट वाला बयान खूब चर्चित रहा।
- भाजपा नेताओं के विवादित बोलों ने शाहीन बाग में माहौल गर्माया।
- चुनाव के दौरान दो बार शाहीन बाग धरनास्थल के निकट गोली चली।
- सरिता विहार के लोग शाहीन बाग का रास्ता खाली कराने के लिए धरने पर बैठे, लेकिन पुलिस ने समझाकर हटा दिया।
- 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू के दौरान प्रदर्शनस्थल के पास चाय की दुकान पर पेट्रोल बम से हमला।
- कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मुद्दे पर प्रदर्शनकारी गुटों में बंटे।
- मंगलवार तड़के पुलिस ने शाहीन बाग को खाली करा दिया।