पॉश इलाके ग्रीन पार्कइलाके में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बिल्डर परिवार ने कुछ हजार रुपये के मोबाइल के लिए एक किशोर को खोलता हुआ गर्म पानी डालकर जला दिया।
पीड़ित किशोर समेत चार बच्चों को करीब 14 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और उनके साथ जमकर मारपीट की गई व तरह-तरह केअत्याचार किए गए। पुलिस को सूचना मिलने पर बच्चों को मुक्त कराया गया।
दक्षिण जिला डीसीपी प्रेमनाथ ने बताया कि एक किशोर काफी जल गया है। उसके हाथ व छाती पर फफोले पड़ गए हैं। दूसरे बच्चे की पीट पर चोट के काफी निशान हैं। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये घटना ग्रीन पार्क के एस-ब्लाक है। यहां पर पेशे से बिल्डर विजय रहते हैं। घर पर ही उनका ऑफिस है। उनके बेटे का मोबाइल चोरी हो गया था।
चार नाबालिग बच्चों को करीब 14 घंटे बंधक बनाकर रखा
शुक्रवार सुबह चार बच्चे यहां कूड़ा बीनने पहुंचे थे। बिल्डर परिवार व उनके नौकरों ने इन बच्चों को पकड़कर कमरे में बंद कर दिया। आरोपी परिवार को संदेह था कि इन बच्चों ने मोबाइल चुराया है।
इन बच्चों की उम्र सात, आठ, 12 और 16 है। इन बच्चों को शुक्रवार सुबह आठ बजे बंधक बनाया गया था और रात साढ़े नौ बजे तक उनकेऊपर अत्याचार किया जाता रहा। 16 वर्षीय किशोर को ऊपर गर्म पानी डाला गया।
12 वर्षीय समेत सभी की बुरी तरह पिटाई की गई। रात को आरोपी एक बच्चे को लेकर सफदरजंग एंकलेवस्थित झुग्गी बस्ती में उसके घर तलाशी लेने गए थे। तब बच्चों के माता-पिता को इसकी जानकारी मिली थी।
हाथ-पैर व छाती काफी जल गई है
एक बच्चे की मां और मौसी घटनास्थल पर पहुंची और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एनजीओ को सूचना देकर बच्चों को मुक्त कराया। किशोरी को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। किशोर के हाथ-पैर व छाती काफी जल गई है और फफोले पड़ गए हैं।
शनिवार को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डीसीपी प्रेमनाथ ने बताया कि बच्चों के शनिवार को जुबेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने बयान कराए गए थे।
सफदरजंग एंकलेव थाना पुलिस ने मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने, बंधक बनाने, अपहरण और जेजे एक्ट केतहत मामला दर्जकर बिल्डर के ड्राइवर रीतेश (33), नौकर शेरबहादुर(28) व बबलू पासवान(24) को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि बिल्डर की पत्नी व दो बेटों की तलाश की जा रही है। पुलिस बिल्डर की भूमिका को लेकर भी जांच कर रही है।