आए दिन लिफ्ट फंसने और गिरने की घटनाओं के चलते अब नियम कड़े कर दिए गए हैं। महाराष्ट्र के पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर चंद्रकांत पाटिल ने पिछले सप्ताह नए नियमों को मंजूरी प्रदान कर दी। इसके साथ ही लिफ्ट के नए नियम यूपी में भी लागू हो जाएंगे। सूबे में लिफ्ट के लिए महाराष्ट्र के बिल्डर रूल्स का ही पालन होता है।
ऊंचे भवनों पर आवागमन सुविधा के लिए लिफ्ट लगाई जाती हैं। चार मंजिल से ऊंचे भवनों पर लिफ्ट अनिवार्य हैं। लिफ्ट लगाने के लिए अलग से कोई नियम लागू नहीं किए गए हैं। सूबे में लिफ्ट को महाराष्ट्र के नियमों के आधार पर ही परखा जाता है। भवन बनाने वाले ठेकेदार और इनका रखरखाव करने वाली एजेंसियां कई बार लापरवाही कर जाती हैं।
लिफ्ट में अधोमानक सामान का प्रयोग किया जाता है और इनका नियमानुसार परीक्षण नहीं कराया जाता। ऐसे में अक्सर लिफ्ट गिरने और बीच में ही फंसने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। कई बार लिफ्ट अचानक नीचे गिर पड़ती है तो कई बार यह बीच में ही फंस जाती है। लाइट चले जाने पर जनरेटर बैकअप मिलने तक लिफ्ट बीच में ही फंसी रहती हैं।