दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में झाड़ूू की आंधी इस रफ्तार से चली कि हाथी (बसपा) भी दूर-दूर तक मैदान में नहीं टिक सका। पिछले 27 वर्षों में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का दिल्ली में सबसे खराब प्रदर्शन रहा। पार्टी को सभी सीटों पर कुल 0.71 फीसदी वोट मिले। बाबरपुर सीट पर बसपा प्रत्याशी को महज 211 वोट मिले, जबकि 25 से अधिक सीटों पर पार्टी नोटा से भी पीछे खिसक गई।
इस विधानसभा चुनाव में शाहीन बाग, बिजली, पानी और बसों में महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधाएं मतदाताओं पर इस कदर हावी रहीं कि मतदान का रुख एकतरफा हो गया। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस आंधी में बसपा कुछ इस कदर फिसली कि पार्टी को दिल्ली में एक फीसदी से भी कम वोट मिले। बसपा ने 70 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। इनमें 12 आरक्षित सीटों पर पार्टी को दलित वोटरों का समर्थन मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वहां भी उसका जादू नहीं चल पाया।
कुल 70 सीटों में से पार्टी बदरपुर में कांग्रेस प्रत्याशी से आठ हजार वोट से आगे रही। संगम विहार में भी बसपा का प्रदर्शन बेहतर रहा। गोकुलपुर में कांग्रेस को 420 जबकि बसपा को 4599 वोट मिले। पार्टी को सभी सीटों पर कुल 72400 वोट मिले।
पिछले चुनावों में मिले वोट
वर्ष प्रतिशत
1993 1.88
1998 5.76
2003 8.96
2007 14.05
2013 5.35
2015 1.30
2020 0.71