बिजली चोरी के अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए अदालत ने दो-दो वर्ष कैद की सजा सुनाई है। दोनों पर मोटा जुर्माना भी लगाया गया है।
कड़कड़डूमा स्थित विशेष बिजली न्यायालय के न्यायाधीश ने नंद नगरी में इलेक्ट्रोप्लेटिंग फैक्ट्री चलाने वाले राधेश्याम गिरि को दो वर्ष की कैद की सजा सुनाई है।
गिरि को 10.20 लाख रुपये बतौर जुर्माना अदा करने के आदेश दिए गए हैं। गिरी की फैक्ट्री पर बीएसईएस की टीम ने वर्ष 2006 में छापा मारकर 32.5 किलोवाट की चोरी पकड़ी थी। मामले में उसके बेटे अजय को भी आरोपी बनाया गया था।
अदालत में पेश नहीं होने पर अजक को भगोड़ा घोषित कर दिया है। वहीं एक अन्य मामले में साकेत स्थित बिजली अदालत ने बिजली चोरी में मो. आरिफ को दोषी करार देते हुए दो वर्ष कैद व 2.90 लाख रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश दिए।
जुर्माने की रकम नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। बीएसईएस की टीम ने वर्ष 2012 में छापा मारकर 9.5 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी थी।