दिल्ली में बिजली महंगी हो गई है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने पावर डिस्कॉम, बीवाईपीएल (बीएसईएस यमुना) और बीआरपीएल (बीएसईएस राजधानी) की मांग को स्वीकार करते हुए विद्युत खरीद समायोजन शुल्क (पीपीएसी) को 10 फीसदी तक बढ़ाने का फैसला किया है।
इसका सबसे ज्यादा असर बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड के क्षेत्र पर पड़ेगा। इस क्षेत्र के उपभोक्ताओं को पीपीएसी 22.18 की जगह 31.60 फीसदी देना होगा, जो करीब 9.45 फीसदी की बढ़त है। बढ़ी हुई दरें टाटा पावर में सात जून से व अन्य में 22 जून से लागू हो गई हैं। इसका असर उपभोक्ताओं को नए बिल में दिखेगा।
दूसरी तरफ सबसे कम अधिभार करीब 1.5 फीसदी टाटा पावर-डीडीएल क्षेत्र के लोगों पर पड़ेगा। इस क्षेत्र के उपभोक्ताओं को पीपीएसी 27.64 फीसदी की जगह 29.13 फीसदी देना होगा। इसमें करीब 1.49 फीसदी की बढ़त है। इसके अलावा बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड क्षेत्र में पीपीएसी 6.39 फीसदी और नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्र में पीपीएसी दो फीसदी तक बढ़ा दिया है। राजधानी पावर लिमिटेड में नई दर 27.08 फीसदी और एनडीएमसी में 30 फीसदी होगी। बढ़ाया गया अधिभार मार्च 2024 तक लागू रहेगा।
हालांकि, इसका असर 200 यूनिट तक इस्तेमाल कर रहे उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। बिजली पर सरचार्ज बढ़ाने के साथ राजनीति भी तेज हो गई है। बिजली दरों के बढ़ने के बाद सियासत भी तेज हो गई है। दिल्ली सरकार की ऊर्जा मंत्री आतिशी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से टैरिफ बढ़ा है, जबकि भाजपा व कांग्रेस का इसका ठीकरा दिल्ली सरकार पर फोड़ा है।
पीपीएसी बीआरपीएल बीवाईपीएल टीपीडीडीएल एनडीएमसी
मौजूदा 20.69% 22.18% 27.64% 28.00%
संशोधित 27.08% 31.60% 29.13% 30.00%