इस बार सर्दियों में दिल्ली में बिजली की पीक डिमांड 5700 मेगावॉट तक पहुंचने की उम्मीद है। इसे लेकर बिजली कंपनियों ने तैयारी की है। ठंड के महीनों में बिजली की सुचारू आपूर्ति के लिए पर्याप्त इंतजाम के तहत लॉन्ग टर्म आधार पर बिजली खरीद समझौता किया गया है। इसके अलावा इस बार दिल्ली के लोगों को अक्षय ऊर्जा भी मिलेगी। तकनीकों की बदौलत बीएसईएस अब बिजली की मांग का सटीक अनुमान लगा कर बिजली की आपूर्ति कर रहा है। सटीक अनुमान लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धि्मतता (एआई) और मशीन लर्निंग की भी मदद ली जा रही है।
पिछले वर्षों के दौरान सर्दियों की पीक पावर डिमांड
. 2018-19 में यह 4457 मेगावॉट।
. 2019-20 में 5343 मेगावॉट।
. 2020-21 में 5021 मेगावॉट।
. 2021-22 में 5104 मेगावॉट
.2022-23 में यह 5526 मेगावॉट।
इस साल जनवरी महीने का हाल
. 1 जनवरी को दिल्ली में बिजली की पीक डिमांड 5134 मेगावॉट
. 2 जनवरी को 4910 मेगावॉट।
. 3 जनवरी को 5257 मेगावॉट
. 4 जनवरी को 5241 मेगावॉट।
. 5 जनवरी को यह 5559 मेगावॉट।
. 6 जनवरी को 5137 मेगावॉट
. 7 जनवरी को 5106 मेगावॉट
. 8 जनवरी को 5337 मेगावॉट।
. 9 जनवरी को 5435 मेगावॉट दर्ज की गई।
इस साल जनवरी महीने की बात करें तो सिर्फ 2 जनवरी को छोड़कर हर दिन बिजली की मांग लगातार 5000 मेगावॉट से ऊपर रही है।