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Delhi: चांदनी चौक की बढ़ेगी खूबसूरती, भूमिगत होगी बिजली की लाइन, सीएम रेखा गुप्ता ने किया शिलान्यास

Thu, 26 Feb 2026 05:27 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को चांदनी चौक में बिजली के तार भूमिगत करने की योजना शुरू की। मंडोली ग्रिड और चार बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इससे बिजली आपूर्ति ज्यादा भरोसेमंद बनेगी
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परियोजनाओं का शिलान्यास करतीं सीएम रेखा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को चांदनी चौक इलाके में ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने की योजना की शुरुआत की। इससे क्षेत्र की सुंदरता बढ़ेगी और बिजली आपूर्ति भी सुरक्षित होगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री द्वारा मंडोली में 66/11 केवी जीआईएस ग्रिड सब-स्टेशन और शिवालिक, द्वारका व गोयला खुर्द में चार बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार विकास और विरासत को साथ लेकर चलना चाहती है ताकि राजधानी में बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इस अवसर पर दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, कैबिनेट मंत्री आशीष सूद सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। 

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चांदनी चौक में बिजली की तारें जमीन के नीचे करने की योजना
चांदनी चौक की 28 ऐतिहासिक सड़कों और गलियों में लटकते बिजली के तारों को हटाने के लिए दिल्ली सरकार और बीवाईपीएल ने बड़ी परियोजना शुरू की है। लगभग 159.75 करोड़ रुपये की लागत से 52.5 किलोमीटर लंबी ओवरहेड बिजली लाइन को जमीन के नीचे किया जाएगा। इस काम के तहत 500 नए फीडर पिलर लगाए जाएंगे, सजावटी स्ट्रीट लाइट पोल लगाए जाएंगे और निगरानी के लिए आधुनिक ‘डिजिटल ट्विन’ तकनीक का उपयोग होगा। 

यह पूरा काम चरणबद्ध तरीके से रात के समय किया जाएगा ताकि लोगों की दिनचर्या और यातायात पर कम से कम असर पड़े। इस योजना से करीब 10,000 उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। आग लगने और खराब मौसम से होने वाली बिजली की दिक्कतें कम होंगी। इससे क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ेगी, बिजली आपूर्ति ज्यादा भरोसेमंद बनेगी और ऐतिहासिक इलाके की सुंदरता भी निखरेगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि चांदनी चौक केवल बाजार नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और व्यापारिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। लेकिन लंबे समय से ऊपर लटकते बिजली के तार न केवल इस क्षेत्र की सुंदरता को प्रभावित कर रहे थे बल्कि सुरक्षा के लिए भी चुनौती बने हुए थे। इस परियोजना के माध्यम से अब यह क्षेत्र अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सौंदर्यपूर्ण बनेगा। यह पहल केवल बिजली व्यवस्था का सुधार नहीं, बल्कि धरोहर संरक्षण और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने कहा कि चांदनी चौक लोकसभा के विकास के लिए पहले 100 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब आवश्यकता को देखते हुए यह राशि 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। केवल वर्तमान कार्य के लिए 28 सड़कों के पुनर्विकास का कार्य शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने पुरानी दिल्ली क्षेत्र के समग्र विकास की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि शाहजहानाबाद पुनर्विकास बोर्ड की जिम्मेदारी स्वयं अपने पास रखी है ताकि सड़कों, पार्किंग, अतिक्रमण, शौचालयों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं का समाधान प्रभावी ढंग से किया जा सके। उनका उद्देश्य इस ऐतिहासिक क्षेत्र को पर्यटन और व्यापार के अनुकूल, सुव्यवस्थित और आधुनिक अवसंरचना से युक्त बनाना है। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल परियोजनाओं की शुरुआत नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का प्रतीक है। नई सरकार दिल्ली के पावर सेक्टर को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत और आधुनिक बना रही है। 

मंडोली ग्रिड से उत्तर-पूर्वी दिल्ली को वोल्टेज की समस्या से मिलेगी राहत
मंडोली में 66/11 केवी जीआईएस ग्रिड सब-स्टेशन बनाया जा रहा है। इसकी क्षमता 63 एमवीए होगी। इस परियोजना पर लगभग 55.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस ग्रिड से करीब 1.5 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। मंडोली, हर्ष विहार, बैंक कॉलोनी और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति ज्यादा स्थिर और बेहतर होगी। साथ ही, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मंडोली जेल और डीटीसी के ईवी बस डिपो जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को भी भरोसेमंद बिजली मिलेगी। ग्रिड शुरू होने के बाद वोल्टेज की समस्या और बार-बार बिजली जाने की परेशानी में काफी कमी आएगी।

बीईएसएस परियोजनाएं दिल्ली की नई पहल
गर्मी में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बीआरपीएल की चार नई बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल क्षमता 55.5 मेगावाट/111 मेगावाट प्रति घंटा होगी। इससे लगभग 2.22 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। इनमें शिवालिक में करीब 50,000, द्वारका (जी-5) में 1,28,000, द्वारका (जी-7) में 16,000 और गोयला खुर्द में 28,000 उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी। सभी परियोजनाओं को मार्च 2027 से पहले शुरू करने का लक्ष्य है। इन बैटरी प्रणालियों से पीक समय में बिजली कटौती कम होगी, वोल्टेज में सुधार होगा और ग्रिड मजबूत बनेगा। यह तकनीक पर्यावरण के अनुकूल है और स्वच्छ व सतत ऊर्जा को बढ़ावा देती है।

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