आपका यदि बिजली का बिल जमा नहीं है और कनेक्शन कटा नहीं है तो आपको री कनेक्शन ऑर्डर और डिस्कनेक्शन ऑर्डर (आरओडीओ) जुर्माना देना नहीं बनता है।
लेकिन, हाल ही में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें बिजली बिल काउंटर पर बैठने वाला स्टाफ उपभोक्ताओं को देरी से बिल जमा करने के कारण 300 या 550 रुपये की रसीद कटने का डर दिखाते हैं। इसे बचाने का रास्ता बताते हुए 100 से 200 रुपये तक वसूलते हैं।
सेक्टर 19 निवासी पवन ने बताया कि उनका एक माह का बिजली का बिल बकाया था। उनका बिजली का कनेक्शन कटा नहीं था। नकद बिल जमा करने के लिए गए तो काउंटर पर बैठे कर्मचारी ने बताया कि देर से बिल जमा करने के लिए कारण जुर्माने के तौर पर 300 रुपये की रसीद कटानी होगी।
यदि रुपये बचाना चाहते हैं तो 100 रुपये दे दें, जुर्माना नहीं लगेगा, लेकिन 100 रुपये की रसीद नहीं मिलेगी। बिजली निगम के अधिकारियों के सामने ऐसी शिकायतें भी सामने आई हैं, जिनमें 550 रुपये बचाने के लिए 200 रुपये तक मांगे जाते हैं।
हालांकि उनका कहना है कि उपभोक्ता की मौखिक शिकायत होने के अलावा कोई सबूत न होने पर स्टाफ पर चेतावनी के अतिरिक्त कार्रवाई नहीं कर पाते हैं। अधिशासी अभियंता आरके बंसल ने बताया कि उपभोक्ता का यदि एक माह का बिजली का बिल भी बकाया है तो नियम के मुताबिक उसका कनेक्शन काट दिया जाता है।
यदि किसी उपभोक्ता का कनेक्शन नहीं कटा है या उसे बिजली का बिल नहीं मिल पाया है तो आरओडीओ जुर्माना नहीं बनता है। यदि काउंटर पर उन्हें आरओडीओ की रसीद काटने की बात कही जा रही है तो कार्यालय में आकर तुरंत इसकी जानकारी दें।