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चुनाव आयोग की बंदिशों ने बदला माहौल, हाईटेक हुआ प्रचार

Wed, 19 Mar 2014 09:09 AM IST
योगेश शर्मा/अमर उजाला, नोएडा
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लोकसभा चुनाव के अखाड़े में उतरे नेताजी गली-मोहल्लों से ज्यादा सोशल साइट्स पर दिखाई दे रहे हैं। फेसबुक के जरिए कोई नमो-नमो जप रहा है तो कोई भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। कोई विकास के नाम पर वोट मांग रहा है तो कोई विकास के सपने दिखाकर इंटरनेट यूजर्स को लुभाने में जुटा हुआ है।
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एक जमाना था जब चुनाव प्रचार के लिए तरह-तरह के माध्यम अपनाए जाते थे। पोस्टरों से दीवारों को पाट दिया जाता था। प्रचार वाहनों पर लाउडस्पीकरों का शोर सुनकर चुनावी सरगर्मी का अंदाजा खुद ब खुद लग जाता था, लेकिन चुनाव आयोग की बंदिशों ने माहौल ही बदलकर रख दिया है।

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चुनावी खर्च की सीमा तय करने के साथ ही प्रचार की हदें तय कर दी गई हैं। ऐसे में अब प्रत्याशियों की उम्मीद सोशल नेटवर्किंग साइट्स से बढ़ने लगी हैं। चुनाव नजदीक आते ही बड़े दलों के प्रत्याशी फेसबुक पर सक्रिय होने लगे हैं।
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गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर चुनाव प्रचार की हाईटेक जंग में भाजपा, सपा और आम आदमी पार्टी के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है। AAP के प्रत्याशी केपी सिंह फेसबुक पर प्रचार की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। फेसबुक पर उनके नाम से दो पेज बनाए गए हैं।

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इन दोनों ही पेजों को 600 से ज्यादा हिट मिल चुके हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी नरेंद्र भाटी के फेसबुक पेज से अब तक 500 से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। भाजपा प्रत्याशी डॉ. महेश शर्मा इस हाईटेक दौड़ में सबसे पीछे चल रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी के फेसबुक पेज को अब तक 362 फॉलोअर ही मिल पाए हैं। जबकि कांग्रेस और बसपा फेसबुक पर अब तक अपनी पहुंच नहीं बना पाए हैं।

प्रोफेशनल संभाल रहे कमान
फेसबुक पर चुनावी अभियान को अंजाम देने के लिए प्रत्याशियों ने बाकायदा आईटी प्रोफेशनल्स की मदद ली है। प्रत्याशियों की चुनाव संबंधित रोजाना की गतिविधियों को फेसबुक के जरिए इंटरनेट यूजर्स तक पहुंचाने का काम इन्हीं प्रोफेशनल्स द्वारा किया जा रहा है।

भ्रष्टाचार अहम मुद्दा
भ्रष्टाचार इस बार लोकसभा चुनाव का अहम मुद्दा बना हुआ है। सभी राजनीतिक दल भ्रष्टाचार मुक्त भारत के सपने दिखा रहे हैं। राजनीतिक दलों ने भले ही चुनावी घोषणा पत्र जारी न किया हो, लेकिन प्रत्याशी अपने चुनावी एजेंडे से फेसबुक यूजर्स को अवगत करा रहे हैं।
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