नॉर्थ-ईस्ट लोकसभा सीट में मुस्तफाबाद और सीलमपुर विधानसभा क्षेत्र ऐसे है जहां मुसलिम समाज का दबदबा है।
दोनों सीट पर फिलहाल कांग्रेस के विधायक है। रणनीतिकारों का मानना है कि अगामी लोकसभा चुनाव में स्थिति बदल सकती है। मुसलिम मतदाता आम आदमी पार्टी की तरफ जा सकते है।
वहीं बहुजन समाजवादी पार्टी के मतदाता भी यहां कम नहीं है। सीमापुरी, गोकुलपुरी और सीलमपुर विधानसभा में यहां दलित वोट भी वजूद रखते है।
दलित वोट भी हैं अहम
मुस्लिम वोटों के बाद इस सीट पर दलित वोटों की संख्या अधिक है। इस लिहाज से मुस्लिम वोटों को जो पार्टी नहीं लुभा पाएगी वह दलित वोटों के सहारे किस्मत आजमाएगी।
एसे में भाजपा इस सीट से किसी पूर्वाचली चेहरा को उतारने की रणनीति पर विचार कर रही है। क्योंकि यहां पूर्वाचल के वोटरों की संख्या काफी तादाद में है। जो कभी भी समीकरण बदल सकते है।
कलाकार मनोज तिवारी और पूर्व सांसद लाल बिहारी तिवारी का नाम इन सीटों पर चल रहा है।
उदित राज को आजमा सकती है भाजपा
दिल्ली लोकसभा का सुरक्षित सीट है। दस विधानसभा में बवाना, सुल्तानपुर माजरा और मंगोलपुरी सुरक्षित सीट है। इस लोकसभा में दलित वोटरों का दबदबा है।
तीनों सीट तीनों मुख्य पार्टियों के विधायक है। दस विधानसभा में पांच विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का दबदबा है। भाजपा इस विधानसभा से सीट से हाल के दिनों में ही भाजपा में शामिल उदित राज को चुनावी मैदान में उतारने पर विचार कर रही है।
इस सीट से भाजपा नेता योगेंद्र चंदोलिया, अनिता आर्र्य, कृष्णलाल ढिलोर समेत कई नेता दावेदारी पेश कर रहे है।