मायापुरी मामले में प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा व दिल्ली सरकार को आड़े हाथ लिया। पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग को चुनावी माहौल में व्यापारियों पर इस प्रकार की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई पर संज्ञान लेना चाहिए। इसके लिए जिम्मेवार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शीला दीक्षित ने कड़े शब्दों में घटना की निंदा करते हुए क्षेत्र के व्यापारियों के समर्थन और सहयोग की बात कही। उन्होंने कहा है कि मायापुरी के व्यापारियों के बीच पहुंचना चाहती थीं, मगर पुलिस की ओर से शांति और कानून व्यवस्था का हवाला देने पर उन्होंने कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल घटनास्थल पहुंचा
कांग्रेस पार्टी के पूर्व सांसद महाबल मिश्रा, पूर्व मंत्री रमाकांत गोस्वामी, प्रदेश प्रवक्ता जितेंद्र कोचर समेत कई नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल घटनास्थल पर पहुंचा। उन्होंने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी के माध्यम से पहले तो मायापुरी के व्यापारियों को उजाड़ने की सिफारिश की गई, फिर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने घड़ियाली आंसू बहाकर ड्रामा शुरू कर दिया। 2006 में भी कांग्रेस के शासन काल में इसी प्रकार की स्थिति उत्पन्न होने पर हमने तुरंत कारगर कदम उठाए थे। केंद्र सरकार के सहयोग से उजड़ने नहीं दिया। भाजपा की केंद्र सरकार तो व्यापारियों की परेशानियों की तरफ से आंखें मूंदकर बैठी है।