टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती के नाम पर ठगी करने तीन गिरफ्तार
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बॉलीवुड मूवी स्पेशल-26 की तर्ज पर बेरोजगार युवाओं के साथ ठगी करने वाले गैंग के तीन सदस्यों को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। आरोपी टेरिटोरियल आर्मी (प्रादेशिक सेना) में भर्ती करवाने के नाम पर ठगी करते थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान महेंद्रगढ़ हरियाणा निवासी बालकिशन (34), आंध्र प्रदेश निवासी कल्लेपल्ली श्रीवास्तव राव (25) और कोट्टापल्ली वेंकटेश रामाना राव (36) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 फर्जी एडमिट कार्ड, तीन मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों की पुलिस रिमांड लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। शुरूआती पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया है कि इन लोगों ने देशभर के करीब 150 युवाओं से लाखों रुपये की ठगी की है। पकड़े गए आरोपियों में कल्लेपल्ली एलएलबी कर रहा है, जबकि कोट्टापल्ली आंध्र प्रदेश के एक प्राइवेट स्कूल में टीचर है।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि शनिवार को महेंद्रगढ़ हरियाणा निवासी युवक ने ठगी की शिकायत दी थी। उसने पुलिस को बताया कि कुछ लोग टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती के नाम पर ठगी कर रहे हैं। यह लोग बकायदा फर्जी मेडिकल टेस्ट औेर फिजीकल टेस्ट भी करवाते हैं। बाद में फर्जी एडमिट कार्ड देकर युवकों को टरका दिया जाता है। सूचना के बाद एसीपी श्वेता सिंह चौहान व इंस्पेक्टर कैलाश चंदर व अन्यों की टीम ने मामले की छानबीन शुरू कर दी। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी महिपालपुर इलाके में एक युवक को टेरिटोरियल आर्मी का फर्जी एडमिट कार्ड देने आने वाले हैं। सूचना के बाद पुलिस ने महिपालपुर फ्लाईओवर के पास से तीनों आरोपियों को दबोच लिया। इनके पास से कुल 11 एडमिट कार्ड व तीन मोबाइल फोन बरामद हुए।
ऐसे करते थे आरोपी युवाओं के साथ ठगी
आरोपियों ने खुलासा किया कि वह बॉलीवुड मूवी स्पेशल-26 की तर्ज पर ठगी का धंधा करते थे। बालकिशन गैंग लीडर है। बालकिशन महेंद्रगढ़ में इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट के नाम से बड़ा कोचिंग सेंटर चलाता है। बालकिशन बेरोजगार लड़कों को टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती का झांसा देकर फिजीकल व मेडिकल के लिए भुवनेश्वर, ओडिशा, कोयंबटूर, तमिलनाडु, पुणे और महाराष्ट्र भेजते थे। आरोपी कल्लेपल्ली श्रीवास्तव इन लड़कों का टेस्ट करवाकर उन्हें फर्जी एडमिट कार्ड उपलब्ध करवा देते थे। मेडिकल और फिजीकल टेस्ट लेने के समय आरोपी खुद को असली सेना का अधिकारी प्रदर्शित करते थे। आरोपी खुद को डॉक्टर बताने के लिए अपने गले में आला (स्थेथोस्कोप) और कलर ब्लाइंडनेस की जांच करने के लिए किताब रखते थे। आरोपी कोट्टापल्ली खुद को आर्मी का बड़ा अधिकारी बताकर होटल में उनसे मिलता था। कोट्टापल्ली ही लड़कों को एडमिट कार्ड साइन कर देता था।
कौन हैं पकड़े गए तीनों आरोपी
बालकिशन महेंद्रगढ़ में अपना कोचिंग सेंटर चलाता है। उसकी मुलाकात अपने लड़कों की भर्ती के लिए बीके सिंह उर्फ पंकज नामक शख्स से हुई थी। शुरूआत में बालकिशन की कोचिंग के लड़कों के साथ ठगी हुई। बालकिशन ने बीके सिंह से विरोध किया तो बीके सिंह ने उसे ठगी के धंधे में अपने साथ मिला लिया। बीके सिंह ने ही उसे आर्मी की नकली मोहर दिलवाई। इसके बाद कल्लेपल्ली व कोट्टापल्ली से इसकी मुलाकात करवाई। आरोपी युवाओं के देश के अलग-अलग हिस्सों में बुलाकर वहां उनका फिजीकल व मेडिकल टेस्ट करवाते थे। कल्लेपल्ली ग्रेजुएशन करने के बाद एलएलबी कर रहा है, खुद आर्मी में भर्ती के दौरान उसकी बीके सिंह से मुलाकात हुई थी। बीके सिंह के कहने पर उसने ठगी का धंधा शुरू किया। वहीं कोट्टापल्ली भी ग्रेजुएशन किए हुआ है। वह प्राइवेट स्कूल में टीचर है।