दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि मेडिकल जांच में बच्ची के यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि पीड़ित बच्ची अपने परिवार के साथ ओखला फेज-दो में रहती है। परिवार में पिता, अपनी मां व एक छोटे भाई है। बच्ची के पिता करीब दो माह पहले ही अपने गांव चले गए। मां पास के ही एक जगह काम करती हैं।
तीनों आरोपी पीड़िता के घर के आस-पास ही रहते हैं। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि बच्ची 14 मार्च की शाम अपने घर में अकेली थी। तीनों आरोपी उसे फुसलाकर पास के एक खाली पड़े गोदाम में ले गए और सामूहिक यौन उत्पीड़न किया।
आरोप है कि आरोपी बच्ची को तीन दिन डरा-धमकाकर अलग-अलग ले गए और तीन दिन तक लगातार ऐसा करते रहे। हिम्मत करके बच्ची ने अपने साथ हुई घटना मां को बताई। मां ने फौरन पुलिस को फोन किया। रात में ही पीड़िता का मेडिकल कराया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। ओखला औद्योगिक थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर रविवार को तीनों नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक जिस गोदाम में घटना हुई, उसके मालिक को भी हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए
पुलिस ने बताया कि तीनों नाबालिग स्कूल छोड़ चुके हैं, और उनके माता-पिता मजदूर या घरों में काम करने वाले लोग हैं। पुलिस ने बताया कि पॉक्सो के तहत मामला दर्ज कर लिया है, और आगे की जांच जारी है। इस घटना के बाद पड़ोस में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है।