प्रदूषण व अनियमित जीवनशैली की वजह से हार्ट दिल के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्थिति यह है कि बीते एक माह के दौरान शहर में 8 लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। चिकित्सकों का कहना है कि हाल के दिनों में तेजी से बढ़े प्रदूषण के कारण पीएम 2.5 व पीएम 10 सरीखे हानिकारक कण सांस के जरिए नसों में पहुंच रहे हैं।
इसकी वजह से ब्लड क्लाटिंग होने लगती है और सही तरीके से रक्त संचार न होने के कारण मरीजों को दिल का दौड़ा पड़ रहा है। जिला शव गृह से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीते 7 अक्तूबर से लेकर 3 नवंबर तक 8 लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है।
चिकित्सक बुजुर्ग महिला, पुरुष व दिल के मरीजों को विशेष एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। शहर के शासकीय व निजी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले दिल के मरीजों को मॉर्निंग व इवनिंग वॉक से बचने की हिदायत दे रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. नवीन के मुताबिक हवा में मौजूद हानिकारक कण सांसों के जरिये फेफड़े तक पहुंचते हैं। जो धीरे धीरे रक्त को गाढ़ा कर देते हैं, इससे रक्त संचार बाधित होने लगता है।