अवाडा के 3,000 करोड़ के सोलर प्लांट के शिलान्यास की तैयारी, जीरो डिस्प्यूट विलेज योजना में घंघोला समेत चार गांव प्राथमिकता पर
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सौर ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अवाडा समूह के प्रस्तावित सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के शिलान्यास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस महीने के अंत में ग्रेटर नोएडा आने की संभावना है। प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने घंघोला समेत आसपास के गांवों में किसानों के लंबित मुद्दों के समाधान की प्रक्रिया तेज कर दी है। खासतौर पर आबादी भूखंड के निस्तारण को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले प्रमुख विवादों का समाधान किया जा सके।
प्राधिकरण ने अपनी जीरो डिस्प्यूट विलेज योजना के तहत सैनी और रोजा याकूबपुर के बाद घंघोला, सिरसा, डाढ़ा और गुलिस्तांपुर को प्राथमिकता सूची में शामिल किया है। बुधवार को नियोजन, परियोजना, भूमि और आबादी भूखंड से जुड़ी टीमों ने घंघोला में संयुक्त सर्वे किया। अधिकारियों ने मौके पर किसानों की समस्याओं का भी आकलन किया।
घंघोला और गुलिस्तांपुर में छह प्रतिशत आबादी भूखंड के नियोजन के लिए आपत्ति और सुझाव लेने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। किसान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कस्टमर रिलेशन सेल में महाप्रबंधक (नियोजन एवं वास्तु) को लिखित रूप से अपने सुझाव या आपत्तियां दे सकते हैं। इसी तर्ज पर बोडाकी मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब परियोजना में शामिल पाली गांव में भी आबादी भूखंड नियोजन की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्राधिकरण का उद्देश्य पात्र किसानों को जल्द आरक्षण पत्र जारी करना है।
हाल के दिनों में आबादी भूखंड और अतिरिक्त भूमि की मांग को लेकर किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया था। किसानों का कहना है कि पहले 10 प्रतिशत आबादी भूखंड देने पर सहमति बनी थी, जबकि आदेश के अनुसार छह प्रतिशत भूखंड भी सभी पात्र किसानों को अब तक नहीं मिल सके हैं। अतिरिक्त चार प्रतिशत भूमि पर भी निर्णय लंबित है। किसानों के आंदोलन के बाद प्राधिकरण ने शिकायतों के निस्तारण और लंबित मामलों के समाधान की प्रक्रिया में तेजी लाई है।
3,000 करोड़ के निवेश से बनेगा अत्याधुनिक सोलर प्लांट
अवाडा समूह घंघोला में करीब 50 एकड़ क्षेत्र में पांच गीगावाट क्षमता की इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करेगा। परियोजना के लिए भूमि खरीदी जा चुकी है और निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्लांट में अत्याधुनिक टॉपकॉन एन-टाइप सोलर सेल का निर्माण होगा। करीब 3,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना से क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
किसानों को उनके भूखंड दिलाना हमारी पहली प्राथमिकता
किसानों के मुद्दों को सुना गया है। अब प्राथमिकता के आधार पर गांवों का चयन कर जीरो डिस्प्यूट विलेज नीति पर काम शुरू कराया गया है। एसीईओ और ओएसडी स्तर के अधिकारियों को गांवों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि निर्णय तेजी से लिए जा सकें। नियोजन, भूमि सर्वे और विकास कार्य समानांतर चलेंगे। हमारी प्राथमिकता है कि पात्र किसानों को उनके आबादी भूखंड समयबद्ध तरीके से मिलें।
- रवि कुमार एनजी, सीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण