समिति ने लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की व्यय वित्त समिति (ईएफसी) ने राजधानी की तीन बड़ी अस्पताल परियोजनाओं की बढ़ती लागत पर कड़ा रुख अपनाया है। सबसे अधिक सख्ती लोकनायक (एलएनजेपी) अस्पताल के नए मेडिसिन, मैटरनिटी एवं एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर परियोजना को लेकर दिखाई गई है।
समिति ने लागत 533.91 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,268.85 करोड़ रुपये होने पर विस्तृत रिपोर्ट तलब कर विजिलेंस जांच शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारी तय की जाए।
लागत बढ़ने का सबसे बड़ा कारण 94.61 करोड़ रुपये का आर्बिट्रेशन अवार्ड (82.44 करोड़ अवार्ड राशि व 12.17 करोड़ ब्याज) है। समिति ने पूरे विवाद, विभागीय राय, वित्तीय प्रभाव व मंजूरियों का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। साथ ही निर्णय प्रक्रिया व नियमों के पालन की जांच के लिए विशेष विजिलेंस जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
समिति ने यह भी पूछा कि पुराने ठेकेदार के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज हुई थी या नहीं, और यदि हां तो नए टेंडर में उसकी भागीदारी रोकने की संभावना जांची जाए। बैठक में बताया गया कि कुछ अस्पताल निर्माण कार्य पहले से विजिलेंस व एसीबी की जांच में हैं, जिनकी स्थिति रिपोर्ट भी मंगाई गई है।
-बिना स्वीकृति बना दी गई मंजिलें...
एलएनजेपी के अलावा मादीपुर और ज्वालापुरी अस्पताल परियोजनाओं में भी ईएफसी ने कई गंभीर टिप्पणियां की हैं। दोनों परियोजनाओं में वर्ष 2022 में दो अतिरिक्त मंजिलें जोड़ने का निर्णय लिया गया, लेकिन इसके लिए पूर्व स्वीकृति नहीं ली गई। बाद में लागत बढ़ने के कारण संशोधित अनुमान तैयार करना पड़ा। मादीपुर और ज्वालापुरी अस्पतालों के निर्माण कार्य लगभग 65 प्रतिशत तक पूरे होने के बाद फंड की कमी के कारण रोक दिए गए थे। अब इनके शेष निर्माण कार्य के लिए संशोधित लागत को मंजूरी दी गई है, लेकिन समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि आगे किसी प्रकार की लागत वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी।
फैक्ट फाइल...
परियोजनापुरानी लागत-संशोधित लागत
एलएनजेपी नया ब्लॉक533.91 करोड़1,268.85 करोड़
मादीपुर अस्पताल320.07 करोड़ 466.50 करोड़
ज्वालापुरी अस्पताल 319.65 करोड़484.04 करोड़