प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोटबंदी के बाद चलन से हटाए गए नोटों को नए नोट में बदलने के मामले में पारस मल लोढ़ा, रोहित टंडन एवं अन्य की 6.84 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है।
ईडी से मिली जानकारी के अनुसार रोहित टंडन के ग्रेटर कैलाश स्थित परिसर में 10 दिसंबर 2016 को मारे गए छापे के आधार पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा में बीते 14 दिसंबर को मामला दर्ज कराया गया था।
उस छापे में 13.65 करोड़ रुपये के नोट जब्त किए गए थे, जिनमें से 2.62 करोड़ रुपये के दो हजार रुपये मूल्य वाले नए नोट थे। इसके बाद ईडी ने काला धन को सफेद करने से निषेध कानून पीएमएलए के तहत भी दिल्ली के वकील रोहित टंडन एवं अन्य के खिलाफ जांच शुरू की थी।
इस मामले की जांच से पता चला कि नोटबंदी के बाद पारसमल लोढ़ा ने कुछ अन्य के साथ मिलकर कमीशन के आधार पर रोहित टंडन एवं अन्य के 20 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि के पुराने नोटों को नए नोटों से बदला था। इसके बाद लोढ़ा, वकील रोहित टंडन एवं अन्य के 6,84,26,500 रुपये की चल एवं अचल संपत्ति को अटैच करने का निर्णय लिया गया है।
लोढा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
नई दिल्ली। पारसमल लोढा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए के तहत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। लोढा पर पुराने नोट को नए नोट से बदलने का आरोप है। साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजकुमार त्रिपाठी के समक्ष प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को चार्जशीट दाखिल की है। इसमें वकील रोहित टंडन को शामिल नहीं किया गया है। उसके खिलाफ अलग से चार्जशीट दाखिल की जाएगी। ईडी ने लोढा को 21 दिसंबर 2016 को और रोहित टंडन को 28 दिसंबर को गिरफ्तार किया था।