दिल्ली महिला आयोग ने अफ्रीकी मूल की एचआईवी पीड़ित महिला की मौत पर फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) को समन भेजा है। आयोग ने यह समन महिला की तबीयत खराब होने पर उसे इलाज की बजाय रिहाई के ऑर्डर जारी करने पर दिया है। जबकि महिला को पहले इलाज की जरूरत थी।
आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के मुताबिक, एफआरआरओ द्वारा हिरासत में ली गई अफ्रीकी मूल की महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बेगर होम की ओर से समाज कल्याण विभाग ने आयोग को बताया है कि पीड़ित की तबीयत खराब होने के बाद दो घंटे के अंदर ही एफआरआरओ ने इसकी रिहाई के ऑर्डर जारी कर दिए।
जबकि उस समय रिहाई की बजाय उसे अच्छे इलाज की जरूरत थी। इस संबंध में आयोग ने बेगर होम से मृतका की मेडिकल रिपोर्ट भी मांगी है ताकि सही जानकारी मिल सके। हालांकि एफआरआरओ ने मृतका की तबीयत खराब होने की जानकारी आयोग को नहीं दी।
बता दें कि दिल्ली महिला आयोग ने 4 जनवरी की रात को बेगर होम में औचक निरीक्षण किया था और एफआरआरओ द्वारा भेजी गईं विदेशी मूल की महिलाओं की रात की समस्याएं भी सुनी थीं।
इन विदेशी महिलाओं ने बताया कि था कि उन्हें यहां क्यों रखा गया है इसकी कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्हें कोई कानूनी सहायता के लिए वकील मुहैया कराया जाता है। इन्हीं में से एक अफ्रीकी मूल की महिला की बृहस्पतिवार को तबीयत खराब हो गई और शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।