सिरसा -ग्रेटर नोएडा-। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वाहनों का बोझ कम करने के लिए बनाये जा रहे महत्वाकांक्षी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का काम आगामी अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। इसकी घोषणा केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने की। इस परियोजना के पूरा हो जाने से उत्तर प्रदेश के बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्घ नगर जिले को तो फायदा होगा ही, इससे अन्य राज्यों से आने वाले मोटर वाहन दिल्ली में प्रवेश किये बिना दूसरे राज्यों में जा सकेंगे।
नितिन गडकरी ने शुक्रवार को ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का संवाददाताओं के संग हवाई सर्वेक्षण करने के बाद ग्रेटर नोएडा के सिरसा में बताया कि इस परियोजना का करीब 60 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। जो काम बचा है, उस पर भी तेजी से काम चल रहा है और आगामी 15 अगस्त तक इसे पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। एक बार यह परियोजना पूरी हो जाए, फिर इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
उन्होंने बताया कि 5 नवंबर 2015 को प्रधानमंत्री ने जब इस परियोजना का शिलान्यास किया था तब उन्होंने इसे 400 दिन में पूरा करने का लक्ष्य दिया था। लेकिन किसानों के विरोध के कारण परियेजना में 48 दिन काम ठप रहा। हालांकि किसानों की अधिगृहित भूमि के लिए सरकार ने उन्हें 5900 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है।
इस परियोजना को बनाने में तो 4618 करोड़ रुपये ही लगेंगे जबकि जमीन का मुआवजा इससे ज्यादा का रहा है। अब काम तेजी से हो रहा है और उम्मीद है कि अगले 15 अगस्त तक यह पूरा हो जाएगा।
उनका कहना है कि सरकार एक्सप्रेसवे की लागत से ज्यादा किसानों को मुआवजा इसलिए दे रही है ताकि किसान खुशहाल हो सके। इन इलाकों में एक्सप्रेसवे बनने के कारण यहां विकास की नदी बहेगी और लोगों को घर के आस पास ही रोजगार मिलेगा। इससे वाहनों को दिल्ली में प्रवेश भी नहीं करना होगा जिससे दिल्ली में वाहनों की संख्या और प्रदूषण में 50 फीसदी की कमी होगी।