संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। मानसून की पहली तेज बारिश ने उत्तर-पूर्वी और पूर्वी दिल्ली में सरकारी तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। बारिश थमने के बाद भी हर्ष विहार, मंडोली एक्सटेंशन, यमुना विहार, दिलशाद गार्डन, शाहदरा, सीलमपुल, गांधीनगर, शास्त्री पार्क और भगीरथी विहार की सड़कें घंटों तक जलमग्न रहीं। पानी भरने से वाहन रेंगते रहे और लोगों को रोजमर्रा के सफर में परेशानी झेलनी पड़ी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में व्यवस्थाएं ध्वस्त हो जाती हैं। लोगों का आरोप है कि कई जगह नालियां या तो चोक हैं या उनकी नियमित सफाई नहीं हुई, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
पहली तेज बारिश में हमारी गली डूब गई अगर लगातार बारिश हुई तो कहीं पूरी दिल्ली ही न डूब जाए। जिम्मेदार निकाय सिर्फ दावे करते हैं, स्थाई समाधान नहीं करते। -
ओमप्रकाश, हर्ष विहार
हर साल यही हाल होता है। बस स्टॉप के सामने पानी भर जाता है। अधिकारी हर साल मानसून से पहले सिर्फ तैयारियों का दावा करते हैं, जमीन पर कुछ नहीं दिखता। -
आकाश, यमुना विहार
सड़क पर इतना पानी भरा है कि बच्चों को स्कूल से लाना-ले जाना मुश्किल हो गया है। डर लग रहा है कि कहीं ऐसा न हो कि इस जलभराव में मेरे बच्चे गिर न जाएं।
-चंद्रभान, मंडोली एक्सटेंशन
मेट्रो के नीचे हर बारिश में पानी भरता है। कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं हुआ। -
वेद प्रकाश, भगीरथी विहार