क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के ईएएसआई को फरीदाबाद विजिलेंस टीम ने रिश्वत के सात हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। टीम ने उसके साथी बिचौलिये को भी तीन हजार रुपये के साथ पकड़ा। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
होडल सीआईए ने एक आपराधिक मुकदमे में वांछित सतीश को मंगलवार की रात गिरफ्तार किया था। सीआईए के ईएएसआई अब्दुल रज्जाक ने भाई शिवकुमार को धमकाया था कि रिमांड पर लेने के बाद सतीश की बुरी तरह पिटाई की जाएगी।
शिवकुमार की मिन्नतें करने पर उसने नरमी बरतने के लिए पंद्रह हजार रुपये की मांग करते हुए पास ही रहने वाले बिचौलिये बलजीत उर्फ बल्ली से मिलने को कहा। बलजीत ने दस हजार रुपये में सौदा पटवाने की बात करते हुए कहा कि वह ईएएसआई को सात हजार देगा और बीच में पड़ने के तीन हजार रुपये खुद लेगा।
सौदा तय होने पर सतीश ने विजिलेंस में इसकी शिकायत कर दी। इस पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट (तहसीलदार होडल) धर्मपाल की अगुवाई में कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई। बुधवार शाम सतीश दस हजार रुपये लेकर गढ़ी चौक पहुंचा। यहां पहले से मौजूद ईएएसआई अब्दुल रज्जाक को दस हजार रुपये दिए।
रज्जाक ने सात हजार रुपये वर्दी की शर्ट की जेब में रख तीन हजार रुपये बलजीत को पकड़ा दिए। इसी वक्त विजिलेंस टीम ने उन्हें धर दबोचा। रज्जाक की शर्ट की जेब से और बलजीत की मुट्ठी से रिश्वत में दिए गए रुपये बरामद किए गए। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।