दिल्ली की सड़कों पर दोबारा ई-रिक्शा दौड़ाने से पहले चालकों को उसका परमिट लेना होगा। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने अपने मसौदे में रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस अनिवार्य कर दिया है। विशेषज्ञों ने इसका स्वागत किया है, लेकिन ई-रिक्शा चालक इससे नाखुश हैं।
हालांकि अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन और परमिट कौन जारी करेगा। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कुछ समय पहले ई-रिक्शा चालकों की रैली में घोषणा की थी आगे से यह एमसीडी के अंतर्गत आएगा।
मगर अभी तक दिल्ली परिवहन विभाग से अलग करने को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है। मोटर व्हीकल एक्ट एक्सपर्ट एसपी सिंह का कहना है कि ई-रिक्शा को लेकर जो मसौदा तैयार किया गया है उसमें परमिट, लाइसेंस और इंश्योरेंस का प्रावधान सबसे बेहतर है।
इंश्योरेंस का फायदा चालकों को ही होगा। अगर कहीं हादसा होता है उन्हें उसका भुगतान मिलेगा। इंश्योरेंस तभी होगा जब वाहन का रजिस्ट्रेशन होगा। दूसरी ओर, ई-रिक्शा चालक इसे बोझ बता रहे हैं। चालक गुलशन ने बताया कि ई-रिक्शा चलाने वाले गरीब हैं। उनका कोई स्थायी पता नहीं है और न ही वह शिक्षित हैं। रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और लाइसेंस के लिए यह सब कुछ जरूरी होगा। ऐसे में चालकों की मुसीबत बढ़ जाएगी।