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सड़कों पर 'काल' बनकर घूम रहे हैं ई-रिक्शा

Wed, 30 Jul 2014 08:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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दिल्ली में ई-रिक्शा की घटना ने फरीदाबाद वासियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। क्योंकि यहां सड़कें बहुत खराब हैं।
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कम्युटर के तौर पर सेक्टरों में धड़ल्ले से इस्तेमाल किए जा रहे ई-रिक्शा कभी भी फरीदाबाद की सड़कों पर बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। उसके बावजूद इनकी जांच के लिए परिवहन विभाग की नींद नहीं टूट रही।

पढ़ें-ई-रिक्शे की टक्कर से खौलती कड़ाही में गिरा मासूम

शहर की कॉलोनी और सेक्टरों में करीब दो सौ ई-रिक्शा चल रहे हैं। इनकी जांच के साथ ही लोगों ने मानकों पर खरा नहीं उतरने पर इन्हें बंद कराने की मांग की है। मुख्य मार्ग पर जाना है या कॉलोनी के बाहर खरीदारी करना, कोचिंग जाना या बच्चे को स्कूल छोड़ने।
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महिलाएं और बच्चे धड़ल्ले से ई-रिक्शा का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि दिल्ली में पहले ही इसे सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक बताया गया था उसके बावजूद फरीदाबाद में चल रहे ई-रिक्शा की कभी जांच नहीं की गई। दिल्ली की घटना के बाद से लोग अपनों की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरतते हुए इंन्हें बंद कराने की मांग की है।  
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लोगों की मांग:
दिल्ली की फर्राटा भरती सड़कों पर जब ई रिक्शा से ठोकर के कारण बच्चे की मौत हो गई तो यहां की उबड़-खाबड़ सड़कों पर लगने वाले ब्रेक से कभी भी ऐसे हादसे हो सकते हैं।
-नवदीप सिंह भाटी, रेल विहार

इसमें पकड़ने के लिए भी कुछ नहीं होता है। स्पीड में चलता है। काफी खतरनाक है। इन पर रोक लगनी चाहिए।
-हरिमोहन सिंह, सेक्टर-30

जल्दी में लोग निकलते हैं। कोई और विकल्प नहीं होता है ऐसे में इसी से निकलते हैं। खबर देखने के बाद बच्चों को इससे भेजने में डर लगने लगा है।
-लीला देवी, सेक्टर-3

रिक्शा पर बैठने पर ये होना चाहिए नियम:
-ई-रिक्शा बनाने वाली कंपनियों के अनुसार सवारियों की सुरक्षा के लिए स्कूटर जैसे ही नियम हैं। लोगों को हेल्मेट लगाकर बैठना चाहिए।
-तरुण, सेल्स डिपार्टमेंट, एलवीएन सेल्स
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