मुख्यमंत्री ने चार परियोजनाओं का किया लोकार्पण, 2028-29 तक 14 हजार बसों का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ईस्ट विनोद नगर स्थित डीटीसी डिपो से 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर दिल्ली–रोहतक अंतरराज्यीय ई-बस सेवा की शुरुआत, मदनपुर खादर बस टर्मिनल का लोकार्पण और डिपो के नव-निर्मित प्रशासनिक भवन का भी उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन विशेष है, क्योंकि एक साथ चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। उन्होंने बताया कि नई बसों में बड़ी संख्या देवी बसों की है, जो संकरी गलियों तक पहुंचकर नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा प्रदान करेंगी। साथ ही दिल्ली-रोहतक अंतरराज्यीय बस सेवा के शुभारंभ से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने मदनपुर खादर बस टर्मिनल के उद्घाटन को यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा बताया, जिससे परिवहन सेवाएं अधिक व्यवस्थित होंगी।
उन्होंने ईस्ट विनोद नगर डिपो में नव-निर्मित प्रशासनिक भवन के उद्घाटन का भी उल्लेख किया और कहा कि बेहतर सुविधाओं से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ती है। इस भवन में बायोमेट्रिक सिस्टम और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई है, जिससे चालक सुरक्षित और स्वस्थ स्थिति में बसों का संचालन कर सकें और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। मुख्यमंत्री के अनुसार अगले चार वर्षों के लिए 4000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिसके तहत न केवल निजी वाहनों को प्रोत्साहन और रोड टैक्स में छूट दी जा रही है, बल्कि अब स्कूल बसों और वाणिज्यिक वाहनों को भी चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक में बदलने की योजना तैयार है। वहीं परिवहन मंत्री डाॅ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली-रोहतक जैसी इंटरस्टेट सेवाओं का विस्तार हमारी कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। नई सेवा का रूट आईएसबीटी कश्मीरी गेट/पीरागढ़ी से टिकरी बॉर्डर होते हुए बहादुरगढ़ और रोहतक तक निर्धारित किया गया है। डीटीसी की मेहनत फल है कि पिछले वर्ष की तुलना में आय में लगभग 173 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
ईवी वेस्ट डिस्पोजल प्लांट किया जाएगा स्थापित
मुख्यमंत्री ने बताया कि होलंबी कलां क्षेत्र में ईवी वेस्ट डिस्पोजल प्लांट स्थापित किया जाएगा ताकि भविष्य में ई-वाहनों की बैटरियों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर प्रकृति को सुरक्षित रखा जा सके। नई 200 ई बसों के साथ ही राजधानी में कुल बस बेड़ा लगभग 6300 से अधिक हो गया है, जिसमें 4500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं, जिससे दिल्ली देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस बेड़ा रखने वाला शहर बन गया है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक इस संख्या को बढ़ाकर लगभग 14,000 बसों तक पहुंचाना है।
मदनपुर खादर बस टर्मिनल से चलेंगी 22 बसें
मदनपुर खादर (कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन के निकट) स्थित आधुनिक बस टर्मिनल में 3 बस बे और 2 यात्री शेड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, साथ ही एक समय में लगभग 6 बसों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अंतर्गत रूट संख्या 465 के तहत मदनपुर खादर टर्मिनल से सफदरजंग टर्मिनल तक 3 बसें, रूट संख्या डी-022 पर मदनपुर खादर टर्मिनल से सफदरजंग टर्मिनल के लिए 14 बसें चलाई जाएंगी। रूट संख्या डी-8802 के अंतर्गत मदनपुर खादर टर्मिनल से नेहरू प्लेस तक 5 बसों का संचालन किया जाएगा। इस टर्मिनल से कुल मिलाकर 22 बसों का संचालन प्रस्तावित है।