बिना मास्क लगाए बैठक में हिस्सा लेते उपमुख्यमंत्री चौटाला
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कोरोना महामारी के दौर में एक तरफ जहां केंद्र से लेकर राज्य सरकारें संक्रमण से बचाव के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं, वहीं प्रदेश के जनप्रतिनिधि आए दिन कुछ न कुछ ऐसा कर ही देते हैं, जिससे संक्रमण व उससे बचाव के प्रति उनकी संवेदनहीनता जाहिर हो जाती है।
कुछ ऐसा ही नजारा शनिवार को गुरुग्राम में लोकनिर्माण विश्राम गृह में बैठक के दौरान देखने को मिला जब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला बिना मास्क के नजर आए।
उपमुख्यमंत्री ने यह नजीर उस दौर में पेश की है, जब जिले में 19 हजार से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं और 170 मरीजों की मौत हो चुकी है।
उपमुख्यमंत्री जिस वक्त बिना मास्क रहे, उस वक्त मुख्यमंत्री बैठक ले रहे थे, हालांकि कुछ समय पहले तक उन्होंने मास्क पहन रखा था। यह बात तब और महत्वपूर्ण हो जाती है जब मुख्यमंत्री खुद पूरे समय मास्क में रहे।
यह कोई पहला मामला नहीं है जब उपमुख्यमंत्री ने कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। इससे पहले भी वह जॉन हाल में आयोजित एक कार्यक्रम में वाल्व लगे मास्क में नजर आए थे जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सभी राज्यों को लिखित में निर्देश दे चुका है कि कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिहाज से वाल्व लगे मास्क उपयोगी नहीं हैं।