रूट रेशनलाइजेशन से मेट्रो, कॉलोनियों, कॉलेजों और बाजारों तक बेहतर लास्ट माइल कनेक्टिविटी मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए द्वारका सर्कुलर बस सेवा इलेक्ट्रिक बसों के साथ दोबारा शुरू की जाएगी। यात्रियों की बढ़ती जरूरतों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बेहतर सेवा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार बस रूट्स के रेशनलाइजेशन पर काम कर रही है।
सरकार के अनुसार, रूट रेशनलाइजेशन का उद्देश्य बस रूट्स का पुनर्गठन है, ताकि बसें उन इलाकों में अधिक चलाई जा सकें जहां यात्रियों की संख्या ज्यादा है। इसके लिए यात्रियों की मांग, सफर के पैटर्न, भीड़भाड़ वाले रूट्स और बसों की उपलब्धता का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा रहा है। इसके बाद डुप्लिकेट या कम उपयोग वाले रूट हटाकर जरूरत के हिसाब से नई बसें तैनात की जाएंगी।
द्वारका सर्कुलर सेवा का नया स्वरूप द्वारका मेट्रो स्टेशन, द्वारका सेक्टर-8 स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों को जोड़ेगा। इससे कॉलोनियों, शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक केंद्रों तक बस कनेक्टिविटी बेहतर होगी। परिवहन मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण अनुकूल होने के साथ यात्रियों को अधिक आरामदायक सफर देंगी। इससे हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी।
-
रूट में भी बदलाव
सरकार ने प्रधानमंत्री संग्रहालय से केंद्रीय सचिवालय के बीच चलने वाले बस रूट में भी बदलाव किया है। नया रूट पीएमएमएल-तीन मूर्ति-साउथ एवेन्यू-सेना भवन-उद्योग भवन-केंद्रीय सचिवालय होगा। पहले यह रूट कुशक रोड से गुजरता था। नए रूट से यात्रियों को तेज और सीधा सफर मिलेगा।