पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का खाका तैयार
पैरालंपिक यानी निशक्त खिलाड़ियों के अच्छे दिन आने वाले हैं। प्रदेश की नई खेल नीति उनके लिए सौगात लेकर आएगी। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महज हिस्साभर लेने वाले खिलाड़ियों को 15 लाख रुपये की राशि से सम्मानित किया जाएगा।
जबकि स्वर्ण जीतने वाले को छह करोड़, रजत को चार करोड़ और कांस्य पदक विजेता को दो करोड़ रुपये की राशि से सम्मानित किया जाएगा। इस बात की घोषणा पंचकूला में चल रही पैरालंपिक नेशनल एथलेटिक चैंपियनशिप में शुक्रवार देर शाम मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने की।
उन्होंने कहा कि यहां की गई घोषणा को प्रदेश की नई खेल नीति में जोड़ा जाएगा। इस खबर को सुनकर निशक्त खिलाड़ियों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ पड़ी। इसके अलावा उन्होंने फरीदाबाद के निशक्त खिलाड़ियों की भी चांदी कर दी है।
अब तक खेल मैदान, कोच व पैरालंपिक कार्यालय आदि सुविधा के तरस रहे खिलाड़ियों को अब सभी सुविधाएं जल्द ही मुहैया करवाई जाएगी। सेक्टर-12 खेल परिसर में एक पैरालंपिक कार्यालय खोला जाएगा, जहां प्रेदशभर की पैरालंपिक प्रतियोगिताओं का लेखा-जोखा रहेगा।
इसके अलावा राजा नाहर सिंह स्टेडियम के नजदीक खाली पड़े मैदान को निशक्त खिलाड़ियों के लिए तैयार किया जाएगा। जमीन को समतल करके मैदान को समतल बनाया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी ए नलनी ने कहा कि अब तक खिलाड़ियों के पास कोई मैदान नहीं था, जहां वह अभ्यास कर सकें। मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद के खिलाड़ियों को बहुत अच्छी सौगात दी है।