एनएसयूआई के राज्य अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने बताया,'उमा का रिजल्ट एक छात्र के रूप में उसकी लापरवाही दिखाता है, जो अपनी परीक्षा देने ही नहीं पहुंचा।' साथ ही छात्र संघ के कार्यालय ने यह भी पाया है कि उमा शंकर एक पदाधिकारी बनने के योग्य ही नहीं था।
मालूम हो कि संयुक्त सचिव उमा शंकर मोतीलाल नेहरू कॉलेज (मॉर्निंग) के स्टूडेंट हैं और वह संस्कृत में बीए (ऑनर्स) कर रहे हैं। उमा एबीवीपी का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन फेल होने के कारण वह अब यूनिवर्सिटी के छात्र नहीं रह पाएंगे, इस वजह से उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है।
डूसू के पदाधिकारी ने बताया, 'इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ की सचिव महामेधा नागर को कम अटेंडेंस के चलते क्लास में आने से रोक दिया गया था।'