नियमों का उल्लंघन करने पर बॉन्ड कर लिया जाएगा जब्त
डीयू ने अगले माह होने डूसू चुनाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में इस साल प्रत्येक उम्मीदवार को एक लाख रुपये का बॉन्ड भरना होगा। यदि कोई छात्र किसी नियम का उल्लंघन करता है तो इस बॉन्ड को जब्त कर लिया जाएगा। इसके साथ ही कॉलेजों में प्रत्येक छात्र से दीवारें गंदी ना करने का शपथ पत्र लिया जाएगा। डीयू ने इस बार डूसू चुनाव के लिए सख्त रुख अपनाते हुए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
डीयू कुलसचिव विकास गुप्ता की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक कॉलेज में दो अधिसूचित स्थानों पर वॉल ऑफ डेमोक्रेसी रहेगी। उम्मीदवार प्रचार के लिए उसी वॉल ऑफ डेमोक्रेसी का उपयोग करें ताकि सार्वजनिक संपत्ति और दीवारों का नुकसान ना हो पाएं। छात्रों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए विश्वविद्यालय-कॉलेज स्तर पर विरूपण संबंधी मुद्दों से संबंधित एक पोर्टल बनाया जाएगा। छात्र इस पोर्टल पर किसी भी उल्लंघन की रिपोर्ट कर सकते हैं।
पिछले साल छात्र संघ चुनाव में प्रचार के लिए दीवारें काफी गंदी हुई थी। इस पर हाई कोर्ट ने ना केवल डीयू को कड़ी फटकार लगाई थी बल्कि चुनाव के बाद रिजल्ट जारी करने पर भी रोक लगाई थी। ऐसे में डीयू ने इससे सबक लेते हुए अगले माह होने वाले छात्र संघ चुनाव के लिए सख्त रुख अपनाया है। अधिसूचना में कहा गया है कि डूसू चुनाव तैयारी, जागरूकता, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से बचाव के लिए विभिन्न अधिनियमों, अदालतों के आदेशो, लिंगदोह समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए ही यह दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
यदि किसी उम्मीदवार की ओर से दीवार को गंदा किया जाता है, तो उस उम्मीदवार को उसे हटाना होगा। इसके संबंध में उसे संबंधित थाने को सूचना देनी होगी। इसकी एक कॉपी कॉलेज व विश्वविद्यालय को भी देनी होगी। यदि वह ऐसा नहीं करता तो उस पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है या फिर विश्वविद्यालय व कॉलेज की ओर से तय दंड, निलंबन, निष्कासन और एक तय अवधि के लिए चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।
प्रचार के लिए वॉल ऑफ डेमोक्रेसी और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का करें उपयोग
डीयू ने स्पष्ट किया है कि प्रचार के लिए वॉल ऑफ डेमोक्रेसी के साथ-साथ उम्मीदवार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का इस्तेमाल कर सकते हैं। पोस्टर, रैली, रोड शो, शक्ति प्रदर्शन, लाउडस्पीकर और वाहनों के माध्यम से उम्मीदवार प्रचार नहीं कर सकेंगे। वहीं, कॉलेज व संस्थान ऐसे कार्यक्रम आयोजित करेंगे जिनमें अनुशासन, कालेज की दीवारों और सार्वजनिक संपत्ति की सुंदरता बनाए रखने चुनाव के दौरान अच्छे आचरण के बारे में उन्हें जागरूक किया जाएगा। डूसू चुनाव में हिस्सा लेने के लिए उम्मीदवार का नाम जो दसवीं व बारहवीं प्रमाणपत्र में दर्ज होगा, वह ही मान्य होगा। डीयू ने प्रचार के लिए वॉल ऑफ डेमोक्रेसी की तरह तीन स्थान तय किए हैं, जहां उम्मीदवार कार्यक्रम कर सकेंगे। इनमें डीयू कान्फ्रेंस सेंटर, शंकर लाल हाल और आर्ट्स फैकल्टी का कमरा नंबर 22 शामिल है। इनका इस्तेमाल करने के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।
डिबेट का होगा आयोजन
संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए कॉलेज व विश्वविद्यालय स्तर पर समिति बनाई जाएगी। कॉलेज और विश्वविद्यालय उम्मीदवारों के लिए डिबेट का आयोजन करेंगे जिसे वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। कॉलेज व विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। डीयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संपत्ति को नुकसान पहुंचाना या नियमों की अवहेलना करना अनुशासनहीनता के दायरे में आएगा। अनुशासनहीनता पर सजा भी दी जा सकती है।